पाकिस्तान में अब तक का सबसे बड़ा ट्रेन हाइजैक! बलोच विद्रोहियों ने 140 सैनिकों को बनाया बंधक
इस्लामाबाद: पाकिस्तान में बलोच अलगाववादियों ने अब तक का सबसे बड़ा हमला कर दिया है। बलोच लिबरेशन आर्मी (BLA) के लड़ाकों ने क्वेटा से पेशावर जा रही जाफर एक्सप्रेस को हाइजैक कर लिया और उसमें सवार 140 पाकिस्तानी सैनिकों को बंधक बना लिया। इस हमले में अब तक पाकिस्तान सेना के 30 जवान मारे जा चुके हैं। वहीं, पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई करते हुए 104 बंधकों को छुड़ा लिया है, लेकिन बाकी यात्रियों की सुरक्षा अब भी खतरे में है।
ट्रेन पर बड़ा हमला, सेना के जवान बने टारगेट
घटना उस समय हुई जब जाफर एक्सप्रेस बलूचिस्तान के बोलन इलाके में पहुंची। इसी दौरान, BLA के फिदायीन दस्ते “मजीद ब्रिगेड” ने रेलवे ट्रैक को उड़ा दिया, जिससे ट्रेन रुक गई। इसके बाद विद्रोहियों ने ट्रेन पर धावा बोल दिया और उसे सुरंग के अंदर ले गए। ट्रेन में कुल 450 से अधिक यात्री सवार थे, जिनमें पाकिस्तानी सेना, आतंकवाद निरोधक बल (ATF), पुलिस और इंटर-सर्विसेज इंटेलिजेंस (ISI) के कई अधिकारी भी शामिल थे।
BLA के लड़ाकों ने सीधे पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को निशाना बनाया और 140 सैनिकों को बंधक बना लिया। पाकिस्तानी सेना ने जवाबी कार्रवाई की, लेकिन BLA ने चेतावनी दी कि अगर हवाई हमला किया गया तो सभी बंधकों की हत्या कर दी जाएगी।
सेना की जवाबी कार्रवाई, रेस्क्यू ऑपरेशन जारी
पाकिस्तानी सेना ने तत्काल जवाबी ऑपरेशन शुरू किया और अब तक 104 यात्रियों को छुड़ाने में सफलता पाई है। इनमें पुरुष, महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। सेना की कार्रवाई में अब तक 16 बलोच विद्रोही मारे गए हैं, जबकि कई अन्य घायल हुए हैं।
इस दौरान आतंकवादियों और सेना के बीच भारी गोलीबारी जारी है। पाकिस्तानी सेना का कहना है कि उन्होंने इलाके में अतिरिक्त सुरक्षाबल तैनात कर दिए हैं, जबकि बंधकों को बचाने के लिए विशेष बल तैनात किए गए हैं।
बलोच विद्रोहियों ने किया था हमले का पूर्व ऐलान
कुछ समय पहले बलोच विद्रोही संगठनों ने पाकिस्तान और चीन के खिलाफ संयुक्त कार्रवाई की घोषणा की थी। हाल ही में बलोच लड़ाकों और सिंधी अलगाववादी समूहों ने मिलकर एक युद्धाभ्यास भी किया था।
सूत्रों के मुताबिक, बीते महीने बलोच राजी आजोई संगर (BRAS) की एक बैठक हुई थी, जिसमें बलोच लिबरेशन आर्मी, बलूचिस्तान लिबरेशन फ्रंट, बलोच रिपब्लिकन गार्ड्स, सिंधी लिबरेशन ऑर्गनाइजेशन और सिंधु देश रिवोल्यूशनरी आर्मी के कमांडरों ने हिस्सा लिया था। इस बैठक में पाकिस्तान के खिलाफ बड़े हमलों की रणनीति तैयार की गई थी।
CPEC प्रोजेक्ट पर भी मंडराया खतरा
बलोच और सिंधी विद्रोही संगठनों के एकजुट होने से पाकिस्तान के लिए नए संकट पैदा हो गए हैं। इन संगठनों ने चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) को भी अपने निशाने पर लिया है। ऐसे में पाकिस्तानी सेना को दोतरफा चुनौती का सामना करना पड़ सकता है—एक तरफ विद्रोही संगठन और दूसरी तरफ देश की आंतरिक राजनीतिक अस्थिरता।
शहबाज सरकार पर बढ़ा दबाव, आगे क्या होगा?
इस हमले के बाद पाकिस्तान की शहबाज शरीफ सरकार पर भारी दबाव बन गया है। बलूचिस्तान लंबे समय से अलगाववादी संघर्ष का गढ़ बना हुआ है, लेकिन यह हमला अब तक का सबसे संगठित और खतरनाक हमला माना जा रहा है।
अब सवाल यह उठता है कि क्या पाकिस्तानी सेना बचाव अभियान को पूरा कर पाएगी, या फिर यह संकट और गहरा जाएगा? क्या BLA और अन्य विद्रोही संगठन आगे और हमले करेंगे? आने वाले दिनों में पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और भी खराब हो सकती है।
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