चंडीगढ़ में किसानों का महाधरना: बैरिकेड्स, ट्रैफिक जाम और सीएम की बेरुखी!
चंडीगढ़ की ओर बढ़ रहे किसानों के विशाल प्रदर्शन के चलते शहर की सीमाओं पर सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। संयुक्त किसान मोर्चा (एसकेएम) के बैनर तले किसान अपनी लंबित मांगों को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। पुलिस ने प्रदर्शन को नियंत्रित करने के लिए शहर के एंट्री प्वाइंट्स पर बैरिकेड्स लगा दिए हैं, जिससे मोहाली-चंडीगढ़ सीमा पर भारी ट्रैफिक जाम की स्थिति बन गई है।
आम लोग परेशान, सड़कों पर लगा लंबा जाम
यातायात डायवर्जन और बैरिकेडिंग के कारण आम नागरिकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ऑफिस जाने वाले लोग देरी से पहुंच रहे हैं, और सड़क पर गाड़ियों की लंबी कतारें लगी हुई हैं। उधर, चंडीगढ़ पुलिस ने पूरे शहर में सुरक्षा बढ़ा दी है ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।
क्या हैं किसानों की मांगें?
किसानों का यह आंदोलन कृषि नीति के क्रियान्वयन, भूमिहीन मजदूरों को भूमि वितरण और किसानों-मजदूरों की कर्जमाफी जैसी अहम मांगों को लेकर हो रहा है। किसान संगठन सरकार पर उनके अधिकारों को दबाने का आरोप लगा रहे हैं।
बैठक में गरमाया माहौल, बीच में निकल गए सीएम!
इससे पहले, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने किसान नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक बुलाई थी। लेकिन बातचीत के दौरान तीखी बहस हो गई, और सीएम बैठक बीच में ही छोड़कर चले गए। किसानों ने इस रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई और आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री ने उनकी बेइज्जती की और कहा— “जाओ, करते रहो धरना!”
अब सवाल यह है कि सरकार और किसान संगठनों के बीच यह गतिरोध क्या नया मोड़ लेगा? क्या इस बार किसानों की मांगें मानी जाएंगी, या फिर आंदोलन
और तेज होगा?
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