अयोध्या में भव्य राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा की शुरुआत: राजसी स्वरूप की स्थापना में जुटे 101 आचार्य, CM योगी भी पहुंचे, सुरक्षा चाकचौबंद
अयोध्या में श्री राम जन्मभूमि मंदिर एक बार फिर आध्यात्मिक उल्लास और भक्ति के केंद्र में आ गया है। 3 जून से 5 जून 2025 तक चलने वाले राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा महोत्सव की शुरुआत आज सुबह 6:30 बजे वैदिक विधियों के साथ हुई। इस आयोजन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, कई संत-महात्मा, आचार्य और देशभर से आए श्रद्धालु बड़ी संख्या में शामिल हो रहे हैं।
वैदिक अनुष्ठान और प्रतिष्ठा की शुरुआत
मंगलवार सुबह मंदिर परिसर में सिद्ध पंडित जयप्रकाश की अगुवाई में 101 वैदिक आचार्य वैदिक अनुष्ठानों में जुट गए। राम दरबार की प्रतिष्ठा के साथ-साथ जानकी माता मंदिर, हनुमान मंदिर और सूर्य मंदिर में भी मूर्तियों की स्थापना की जा रही है। आयोजन की भव्यता को देखते हुए देश के अलग-अलग हिस्सों से 11 प्रमुख विद्वान आचार्य विशेष रूप से अयोध्या पहुंचे हैं, जिनमें वैदिक परंपरा, कर्मकांड और मूर्ति प्रतिष्ठा में विशेषज्ञता रखने वाले आचार्य प्रमुख हैं।
हनुमानगढ़ी में उमड़ा श्रद्धालुओं का सैलाब
आज जेठ महीने का चौथा मंगलवार भी है, जो हनुमान जी को समर्पित विशेष दिन माना जाता है। इस अवसर पर हनुमानगढ़ी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देशभर से आए भक्तों ने मंदिर में दर्शन कर अपनी मनोकामनाएं प्रकट कीं। भक्तों का कहना है कि इस शुभ दिन अयोध्या आना और राम दरबार की प्रतिष्ठा देखना उनके लिए जीवन का सबसे सौभाग्यपूर्ण क्षण है।
देवेशाचार्य जी महाराज का बयान
इस शुभ अवसर पर सिद्ध पीठ हनुमानगढ़ी अयोध्या धाम से देवेशाचार्य जी महाराज भी राम मंदिर पहुंचे। उन्होंने कहा,
“यह आयोजन न केवल अयोध्या, बल्कि पूरे देश के सनातन धर्मावलंबियों के लिए गौरव का विषय है। भगवान राम के राजसी स्वरूप की प्रतिष्ठा उनके जन्मस्थान पर होना – यह अत्यंत आनंदमयी और पवित्र घटना है।”
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्राण प्रतिष्ठा से मंदिर में भगवान राम के बाल स्वरूप के साथ-साथ उनके राजा स्वरूप की भी स्थापना पूरी होगी, जिससे रामभक्तों की आस्था को नई ऊँचाई मिलेगी।
CM योगी की उपस्थिति और सुरक्षा व्यवस्था
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी इस आयोजन में भाग लेने के लिए राम जन्मभूमि मंदिर पहुंचे। उनकी मौजूदगी को देखते हुए अयोध्या में सुरक्षा के बेहद कड़े इंतजाम किए गए हैं। चप्पे-चप्पे पर पुलिस बल, PAC, ATS और खुफिया इकाइयों को तैनात किया गया है। ड्रोन कैमरों से मंदिर क्षेत्र और प्रमुख घाटों की निगरानी की जा रही है।
राम दरबार प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम 5 जून तक चलेगा। इन तीन दिनों में पूजा-पाठ, वेदपारायण, हवन, अभिषेक और विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। हर दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संत समाज के प्रमुख लोग मंदिर पहुंचेंगे।
राम दरबार की प्राण प्रतिष्ठा केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि यह उस सांस्कृतिक और आध्यात्मिक चेतना का पुनर्जागरण है, जिसकी प्रतीक अयोध्या और भगवान श्रीराम की यह जन्मभूमि सदा से रही है।
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