April 21, 2026

गाजा में युद्ध का नया दौर: क्या अरब का भविष्य विनाश की ओर बढ़ रहा है?

जैसे ही यूक्रेन युद्ध ने एक नया और भयावह मोड़ लिया, गाजा में भी विनाश का एक और दौर शुरू हो गया है। इजराइल ने आज सुबह से गाजा में फिर से बमबारी शुरू कर दी है, और यह हमले तब शुरू हुए जब हमास ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इसके बाद, इजराइल ने न केवल सीजफायर को तोड़ने का ऐलान किया, बल्कि गाजा में एक ऑलराउंड अटैक भी शुरू कर दिया। अब सवाल यह है कि क्या गाजा में भड़की हुई युद्ध की आग अरब देशों को भी अपनी चपेट में ले लेगी?

दुनिया एक बार फिर उस खतरनाक मोड़ पर खड़ी है, जहां महायुद्ध के संकेत दिखाई दे रहे हैं। करीब डेढ़ साल पहले, जब ट्रंप और जेलेंस्की के बीच विवाद शुरू हुआ, तो यूक्रेन युद्ध की आग और भड़क उठी थी। इसी दौरान, गाजा में भी संघर्ष ने विकराल रूप धारण कर लिया है। जहां एक तरफ यूरोप और यूक्रेन में परमाणु विनाश का खतरा मंढरा रहा है, वहीं अरब देशों में भी महायुद्ध की आशंका गहरा रही है।

इजराइल की बमबारी और हमास का विरोध: गाजा में विनाश का ताजा दौर

इजराइल की बमबारी फिर से शुरू हो चुकी है, और इस बार यह हमले और भी विकराल होते जा रहे हैं। इजराइल ने सीजफायर को तोड़ने का ऐलान करते हुए, गाजा में ताबड़तोड़ बमबारी की शुरुआत की। मध्य गाजा में इजराइल ने एक बड़ी इमारत को टारगेट किया, और वह पूरी इमारत मलबे में बदल गई। उत्तरी गाजा के बेइत हनून में भी इजराइल ने ड्रोन हमले किए, जिसमें कई लोगों की मौत हो गई। खान यूनिस में भी बमबारी के चलते कई इमारतें ध्वस्त हो गईं और 7 लोग मारे गए।

इजराइल केवल गाजा तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वेस्ट बैंक में भी हमास के ठिकानों को निशाना बनाया गया। इस हमले में, इजराइल ने वेस्ट बैंक में स्थित हमास के ठिकानों को मलबे में बदल दिया। यह पूरा घटनाक्रम तब हुआ, जब इजराइल ने सीजफायर तोड़ने का फैसला लिया।

क्या नेतन्याहू की रणनीति महायुद्ध की ओर बढ़ेगी?

इजराइल ने सीजफायर तोड़ने का फैसला उस वक्त लिया, जब हमास ने अमेरिका के प्रस्ताव को ठुकरा दिया। इजराइल के अनुसार, हमास ने सीजफायर बढ़ाने का प्रस्ताव स्वीकार नहीं किया, जबकि इजराइल चाहता था कि रमजान तक सीजफायर बढ़ा दिया जाए। हमास का कहना था कि इजराइल बातचीत के बजाय सिर्फ सीजफायर बढ़ाने की कोशिश कर रहा है, जो उन्होंने स्वीकार नहीं किया। इसके बाद, इजराइल ने ट्रंप से अनुमति ली और सीजफायर तोड़ने का ऐलान कर दिया, जिसके परिणामस्वरूप गाजा में विनाश की लहर तेज हो गई।

नेतन्याहू ने हमास को चेतावनी देते हुए कहा कि अगर उन्होंने इजराइल के प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया तो परिणाम बहुत ही भयावह होंगे। इजराइल ने गाजा में आने वाली सभी सहायता को भी रोक दिया, और क्रॉसिंग को बंद कर दिया, जिससे गाजा में राहत सामग्री की आपूर्ति भी रुक गई।

अमेरिका का समर्थन और इजराइल की तैयारियां

अमेरिका ने इजराइल को अपनी सैन्य मदद बढ़ा दी है, और इसके परिणामस्वरूप, इजराइल की बमबारी और भी अधिक भीषण हो गई है। इजराइल को अमेरिका ने 45 हजार बंकर बस्टर बम दिए हैं, और साथ ही 35 हजार करोड़ रुपये के हथियारों की आपूर्ति भी शुरू कर दी है। यह अमेरिका की ओर से इजराइल को दी जा रही सैन्य सहायता यह साफ बताती है कि इजराइल अब हमास के खात्मे की तैयारी कर चुका है।

इतना ही नहीं, अमेरिका ने गाजा में आक्रमण को और भी तेज करने के लिए हथियारों की सप्लाई बढ़ा दी है। इजराइल की आक्रामकता और अमेरिका से मिल रही मदद के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि इजराइल अब हमास को पूरी तरह से समाप्त करने के लिए तैयार है।

क्या ईरान भी आ जाएगा युद्ध में?

यदि हमास को बचाने के लिए ईरान इजराइल के खिलाफ सामने आता है, तो यह युद्ध और भी भयानक रूप ले सकता है। ट्रंप और नेतन्याहू दोनों ने चेतावनी दी है कि अगर ईरान ने हस्तक्षेप किया, तो इजराइल और अमेरिका ईरान पर भी हमला कर सकते हैं, जिससे मध्य पूर्व में युद्ध की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है।

इजराइल और हमास के बीच इस नए युद्ध के दौर ने दुनिया को फिर से युद्ध के खतरों के करीब ला खड़ा किया है। गाजा में बढ़ते संघर्ष के साथ-साथ, यह सवाल भी उठता है कि क्या यह संघर्ष अब अरब देशों को अपनी चपेट में ले सकता है, और क्या मध्य पूर्व में एक महायुद्ध का रूप ले सकता है?

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