April 20, 2026

योगी आदित्यनाथ का बड़ा कदम: 1.75 लाख करोड़ रुपये राजस्व लक्ष्य के लिए व्यापारियों से संवाद बढ़ाने का आदेश

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को एक महत्वपूर्ण निर्देश दिया है, जिससे राजस्व संग्रह को लेकर नए लक्ष्य तय किए गए हैं। उन्होंने कहा कि व्यापारियों से संवाद स्थापित करते हुए टीम भावना के साथ राजस्व संग्रह में वृद्धि की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएं। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 2025-26 के लिए 1.75 लाख करोड़ रुपये के राजस्व संग्रह का लक्ष्य प्राप्त करना है और इस दिशा में राज्य कर विभाग के प्रयासों को और भी तेज किया जाए।

1.75 लाख करोड़ रुपये के लक्ष्य को प्राप्त करने की चुनौती

मंगलवार रात हुई समीक्षा बैठक में सीएम योगी आदित्यनाथ ने राज्य कर विभाग द्वारा किए गए प्रयासों को सराहा और कहा कि प्रदेश में जीएसटी/वैट संग्रह लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने यह भी बताया कि उत्तर प्रदेश में जीएसटी में पंजीकृत व्यापारियों की संख्या देश में सबसे अधिक है, जो 2023-24 में 17.2 लाख से बढ़कर अब 19.9 लाख हो गई है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि पंजीकरण की प्रक्रिया को और बढ़ाया जाए और व्यापारियों से निरंतर संवाद बनाए रखा जाए।

अधिकारियों का प्रदर्शन होगा प्रमोशन और पोस्टिंग का आधार

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में यह भी स्पष्ट किया कि वाणिज्य कर अधिकारियों से लेकर ज्वाइंट कमिश्नर स्तर तक के अधिकारियों के कार्यों और संग्रह के प्रदर्शन का नियमित रूप से मूल्यांकन किया जाए। उन्होंने कहा कि राज्य में राजस्व संग्रह में आ रही अनियमितताओं की पहचान की जाए और उसे सुधारने के लिए कदम उठाए जाएं। इसके साथ ही अधिकारियों के प्रदर्शन के आधार पर उनकी ग्रेडिंग की जाएगी और उसी के अनुसार उनके प्रमोशन व पोस्टिंग की जाएगी।

राजस्व चोरी रोकने के लिए विशेष प्रशिक्षण

सीएम योगी ने राजस्व चोरी को रोकने के लिए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए गहन प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने की बात कही। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि विभाग में स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर (एसओपी) तैयार किया जाए, ताकि राजस्व चोरी को प्रभावी तरीके से रोका जा सके और इसे राष्ट्रीय क्षति के रूप में न देखा जाए।

व्यापारियों के कल्याण के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान

मुख्यमंत्री ने जीएसटी पंजीकृत व्यापारियों के लिए राज्य सरकार की योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि व्यापारियों की दुर्घटना में मृत्यु या स्थायी अपंगता की स्थिति में सरकार आर्थिक सहायता प्रदान करेगी, जिसमें 10 लाख रुपये तक का मुआवजा दिया जाएगा। इस योजना के तहत पात्र व्यापारियों और उनके परिजनों को संवेदनशीलता के साथ सहायता प्रदान की जाएगी।

सर्वाधिक टैक्स देने वाले व्यापारियों को सम्मानित करने की योजना

मुख्यमंत्री ने इस बैठक में यह भी निर्देश दिया कि राज्य कर विभाग द्वारा सर्वाधिक टैक्स देने वाले व्यापारियों को सम्मानित किया जाए। इस कार्यक्रम का आयोजन प्रदेश, जोन, मंडल और जनपद स्तर पर किया जाएगा। सीएम योगी ने अधिकारियों से यह भी कहा कि टैक्स चोरी रोकने के लिए सर्वे और छापे करने वाली टीम में सक्षम और कर्मठ अधिकारियों को शामिल किया जाए, और इस कार्यवाही को गोपनीय रखकर उसकी सफलता सुनिश्चित की जाए।

मैनपॉवर की कमी को दूर किया जाएगा

इसके अलावा, मुख्यमंत्री ने विभाग में मैनपॉवर की कमी को पूरा करने की भी बात कही, ताकि विभाग की कार्यप्रणाली और बेहतर हो सके और राजस्व संग्रह में और वृद्धि हो सके।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का यह कदम प्रदेश में व्यापारियों के साथ सहयोग बढ़ाने, राजस्व संग्रह में वृद्धि करने और विभाग की कार्यप्रणाली को सुधारने के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!