YEIDA की सख्त चेतावनी: मंजूरी के बिना फिल्म सिटी में न कैमरा चलेगा, न लाइट जलेगी और न एक्शन होगा!
यमुना एक्सप्रेसवे इंडस्ट्रियल डेवलपमेंट अथॉरिटी (YEIDA) ने फिल्म सिटी परियोजना को लेकर बड़ा फैसला लिया है। प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि जब तक डेवलपर्स द्वारा फिल्म स्टूडियो और फिल्म प्रशिक्षण अकादमी की इमारतों के लेआउट को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिल जाती, तब तक न तो किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू होगा, न ही कोई शिलान्यास समारोह आयोजित किया जाएगा। इस सख्ती के पीछे प्राधिकरण की मंशा परियोजना को तय मानकों और अनुबंध की शर्तों के अनुसार आगे बढ़ाना है।
YEIDA ने यह निर्देश बेव्यू भूटानी फिल्म सिटी प्राइवेट लिमिटेड को लिखे एक आधिकारिक पत्र के ज़रिए दिए हैं। इस कंपनी का नेतृत्व फिल्म निर्माता बोनी कपूर और भूटानी ग्रुप कर रहे हैं। प्राधिकरण ने रियायत समझौते की शर्तों का कड़ाई से पालन करने को कहा है, जिसमें यह साफ तौर पर बताया गया है कि पहले तीन वर्षों के भीतर फिल्म स्टूडियो और फिल्म प्रशिक्षण अकादमी का निर्माण पूरा किया जाना अनिवार्य है। यही दो घटक फिल्म सिटी परियोजना की बुनियाद माने जा रहे हैं।
YEIDA के सीईओ ने बताया कि रियायत समझौते पर 27 जून 2024 को हस्ताक्षर हुए थे, और इसके अनुसार, एक साल के भीतर निर्माण कार्य शुरू करना अनिवार्य था। यदि डेवलपर समय सीमा के भीतर निर्माण शुरू नहीं करता, तो हर दिन ₹1.5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा। इस चेतावनी के साथ, प्राधिकरण ने साफ किया है कि डेवलपर को किसी भी तरह के निर्माण से पहले सभी शर्तें पूरी करनी होंगी।
इस परियोजना को लेकर एक और अहम जानकारी यह है कि जनवरी 2025 में YEIDA ने सेक्टर 21 में फिल्म सिटी के पहले फेज के लिए 230 एकड़ भूमि उपयोग मैप को मंजूरी दी थी। इस पूरे प्रोजेक्ट का दायरा 1,000 एकड़ है, जिसे दो ज़ोन में बांटा गया है—इंडस्ट्रियल और कमर्शियल। पहले फेज के 230 एकड़ में से 155 एकड़ इंडस्ट्रियल उपयोग के लिए और शेष 75 एकड़ कमर्शियल उद्देश्यों के लिए निर्धारित है।
YEIDA के इस सख्त रुख से यह स्पष्ट है कि उत्तर प्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी फिल्म सिटी परियोजना में किसी भी तरह की जल्दबाज़ी या शॉर्टकट को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि डेवलपर कब तक जरूरी मंजूरी लेकर निर्माण कार्य की शुरुआत करता है।
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