यशस्वी जायसवाल ने शतक के बाद खोले ड्रेसिंग रूम के राज, गौतम गंभीर और बुमराह को बताया सफलता का कारण
लीड्स टेस्ट में भारत की पारी में जबरदस्त शतक जड़ने वाले यशस्वी जायसवाल ने मैदान के साथ-साथ अब ड्रेसिंग रूम की रणनीतियों से भी पर्दा हटा दिया है। इंग्लैंड की जमीन पर पहली बार टेस्ट खेल रहे इस युवा बल्लेबाज ने 101 रनों की पारी के बाद गौतम गंभीर और जसप्रीत बुमराह की भूमिका को अपनी सफलता का श्रेय दिया है।
गौतम गंभीर से मिली “आजादी”
मैच के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में यशस्वी ने कहा,
“गंभीर सर हमें खुलकर खेलने की पूरी आजादी देते हैं। उन्होंने कहा कि अपनी ताकत पहचानो और उस पर भरोसा रखो।”
यशस्वी के अनुसार, उन्होंने गंभीर के साथ मिलकर बल्लेबाजी की रणनीति तय की थी –
सेशन दर सेशन रन बनाना और कमजोर गेंदों पर प्रहार करना।
गिल और यशस्वी के बीच हुई साझेदारी में प्लानिंग और कम्युनिकेशन अहम था, जिसे उन्होंने गंभीर के मार्गदर्शन में मजबूत किया।
जसप्रीत बुमराह से मिला आत्मविश्वास
बीसीसीआई द्वारा शेयर किए गए एक वीडियो में यशस्वी ने बताया कि
इंट्रास्क्वॉड मैच के दौरान बुमराह और हर्षित राणा की तेज गेंदबाज़ी से जूझना उन्हें मानसिक रूप से तैयार कर गया।
यशस्वी बोले:
“जब रन नहीं निकल रहे थे तब भी टिके रहना मैंने वहीं सीखा। उसी अभ्यास ने मुझे सिखाया कि धैर्य कैसे रखा जाता है।”
उनका मानना है कि उस संघर्ष से जो आत्मविश्वास मिला, उसी का नतीजा है कि आज वे विदेशी धरती पर शतक जड़ने में सफल रहे।
यशस्वी की पारी के आंकड़े
रन: 101
गेंदें: 159
चौके: 16
छक्का: 1
यह यशस्वी का कैरियर का 5वां टेस्ट शतक है और SENA देशों में पहला।
यशस्वी जायसवाल ने यह शतक सिर्फ बल्ले से नहीं बल्कि सोच, तैयारी और टीम की मदद से जड़ा है।
गंभीर की खुली छूट और बुमराह की गेंदबाजी के खिलाफ किया अभ्यास, दोनों ने मिलकर उन्हें वह ताकत दी जो लीड्स में दिखी।
यह दर्शाता है कि भारतीय टीम का युवा ब्रिगेड न केवल प्रतिभाशाली है, बल्कि सही मेंटरशिप और सहयोग मिलने पर वो हर चुनौती से पार पा सकता है।
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