यमुना में बाढ़ से मथुरा में हालात बिगड़े, आगरा में अलर्ट; चंबल और उटंगन भी उफान पर
यमुना नदी खतरे के निशान से ऊपर बह रही है, जिसके चलते मथुरा और वृंदावन के कई इलाकों में पानी भर गया है। रविवार को कई बस्तियां और कृषि भूमि डूब गईं, जिससे स्थानीय निवासियों और किसानों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। अधिकारियों ने बताया कि यमुना का जलस्तर लगभग 110 फीट के करीब पहुंच गया है, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है। वहीं, लगातार हो रही बारिश ने हालात को और बिगाड़ दिया है।
आगरा में भी हालात सामान्य नहीं हैं। मेहताब बाग और ताजमहल के पीछे बने गार्डन में पानी भर जाने से दृश्य बदल गया है। जहां आमतौर पर पर्यटक ताजमहल का नजारा देखने आते हैं, वहीं अब लोग पानी से भरे इलाकों की तस्वीरें खींचते और नाव की सैर का आनंद लेते नजर आ रहे हैं। हालांकि, प्रशासन ने साफ कहा है कि लोगों को नदी के पास जाने से बचना चाहिए और सुरक्षित स्थानों पर रहना चाहिए।
मथुरा में यमुना का जलस्तर खतरे के निशान से करीब 86 सेंटीमीटर ऊपर पहुंच गया है। प्रयाग घाट पर 24 घंटे में जलस्तर में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई और यह शुक्रवार रात तक एक मीटर ऊपर जाने की आशंका जताई गई। अगर ऐसा हुआ तो पानी शहर में और तेजी से घुस जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने अलर्ट जारी करते हुए सभी को सतर्क रहने की अपील की है।
यमुना के साथ-साथ चंबल और उटंगन नदी भी उफान पर हैं। कासगंज में गंगा का जलस्तर भी खतरे के निशान से ऊपर है, जिससे निचले इलाकों में बाढ़ का खतरा और बढ़ गया है। हालांकि, बाह तहसील में चंबल नदी का जलस्तर शनिवार को मामूली घटकर 125.7 मीटर पर पहुंचा। सिंचाई विभाग के अधिकारियों का कहना है कि जलस्तर अगले दो से तीन दिन तक स्थिर रह सकता है, लेकिन उसके बाद फिर बढ़ने की संभावना है।
यमुनापार के कई मोहल्लों में पानी घुस चुका है। घाट बजरिया इलाके में तो हालात और भी भयावह हो गए हैं, जहां गलियों और घरों के बाहर पानी भरने के साथ-साथ सांप निकलने लगे हैं। लोगों ने बताया कि बाढ़ के पानी के कारण आधा दर्जन से ज्यादा सांप घरों के बाहर दिखाई दिए, जिससे दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों ने प्रशासन से इलाके में लाइट की व्यवस्था करने और राहत पहुंचाने की मांग की है।
मथुरा और आगरा दोनों जिलों में प्रशासन पूरी तरह अलर्ट पर है। राहत और बचाव दल को सक्रिय कर दिया गया है, साथ ही लगातार जलस्तर की निगरानी की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि अगर पानी का स्तर और बढ़ा तो बड़े पैमाने पर लोगों को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट करना पड़ सकता है। फिलहाल, स्थिति पर कड़ी नजर रखी जा रही है और जनता से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और प्रशासनिक निर्देशों का पालन करें।
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