World Weightlifting Championships 2025: मीराबाई चानू ने 3 साल का बैरियर तोड़ा, भारत को मेडल दिलाया
नॉर्वे के फोर्डे में हुए वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप 2025 में भारत की स्टार वेटलिफ्टर मीराबाई चानू ने शानदार प्रदर्शन करते हुए सिल्वर मेडल अपने नाम किया। यह उनके लिए और भारत के लिए बेहद खास रहा, क्योंकि इस चैंपियनशिप में भारत को तीन साल के इंतजार के बाद मेडल मिला। मीराबाई ने 48 किलोग्राम भार वर्ग में कुल 199 किलोग्राम (84 किग्रा स्नैच + 115 किग्रा क्लीन एंड जर्क) उठाकर यह उपलब्धि हासिल की।
मीराबाई का प्रदर्शन बेहद मजबूत रहा। उन्होंने स्नैच में 84 किग्रा भार सफलतापूर्वक उठाया, जबकि क्लीन एंड जर्क में क्रमशः 109, 112 और 115 किग्रा भार उठाकर सिल्वर मेडल अपने नाम किया। हालांकि गोल्ड से उन्हें सिर्फ 12 किग्रा का फर्क रह गया। नार्थ कोरिया की रि सोंग गुम ने 213 किग्रा भार उठाकर गोल्ड मेडल जीता, जबकि चीन की थान्याथन ने ब्रॉन्ज मेडल पर कब्जा किया।
यह मीराबाई का वर्ल्ड चैंपियनशिप में तीसरा मेडल है। उन्होंने 2017 में गोल्ड और 2022 में सिल्वर मेडल जीता था। अब वे कुंजारानी देवी और कर्णम मल्लेश्वरी के बाद दो से ज्यादा वर्ल्ड चैंपियनशिप मेडल जीतने वाली तीसरी भारतीय महिला वेटलिफ्टर बन गई हैं। इसके साथ ही भारत का वर्ल्ड वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में 18वां मेडल भी दर्ज हुआ।
मीराबाई की इस उपलब्धि ने भारत में वेटलिफ्टिंग प्रेमियों को उत्साहित कर दिया है। उनका यह प्रदर्शन साबित करता है कि वे लगातार शीर्ष स्तर पर बने रहने में सक्षम हैं। साल 2025 में उन्होंने पहले अहमदाबाद में आयोजित कॉमनवेल्थ वेटलिफ्टिंग चैंपियनशिप में भी गोल्ड मेडल जीता था, जहां उन्होंने 193 किग्रा भार उठाया।
इस सिल्वर मेडल ने मीराबाई को 2026 ग्लासगो कॉमनवेल्थ खेलों के लिए सीधे क्वालिफाई करने का मौका भी दिलाया है। उनके इस प्रदर्शन से न केवल भारत का मान बढ़ा है, बल्कि देश के लिए मेडल की उम्मीदें भी मजबूत हुई हैं।
मीराबाई चानू की कड़ी मेहनत और लगन ने उन्हें न केवल अंतरराष्ट्रीय मंच पर सफल बनाया, बल्कि भारतीय खेलों में भी वेटलिफ्टिंग को नई ऊँचाईयों पर पहुँचाया है।
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