April 30, 2026

World Brain Tumor Day 2025: जानिए ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण और बचाव के तरीके

हर साल 8 जून को विश्व ब्रेन ट्यूमर दिवस मनाया जाता है, ताकि लोगों को इस गंभीर और जानलेवा बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके। ब्रेन ट्यूमर एक ऐसी स्थिति है जिसमें मस्तिष्क की कोशिकाएं असामान्य तरीके से बढ़ने लगती हैं, जो दिमाग के सामान्य कार्यों में बाधा उत्पन्न कर सकती हैं। यदि समय पर इसका इलाज न हो तो यह जानलेवा भी साबित हो सकता है।

क्या होता है ब्रेन ट्यूमर?

गुरुग्राम स्थित न्यूरोलॉजिस्ट डॉ. आदित्य गुप्ता के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर मस्तिष्क या उसके आसपास की कोशिकाओं के असामान्य रूप से बढ़ने के कारण होता है। यह कैंसरयुक्त (मैलिग्नेंट) या गैर-कैंसरयुक्त (बेनाइन) दोनों प्रकार का हो सकता है। कुछ ट्यूमर धीमे गति से बढ़ते हैं जबकि कुछ काफी तेजी से खतरनाक बन सकते हैं।

लोग अक्सर इसके शुरुआती लक्षणों को नजरअंदाज कर देते हैं, और जब स्थिति गंभीर हो जाती है, तभी डॉक्टर के पास पहुंचते हैं। इसलिए, समय रहते इसके लक्षणों को पहचानना बेहद जरूरी है।

ब्रेन ट्यूमर के शुरुआती लक्षण

स्वास्थ्य पोर्टल हेल्थलाइन के अनुसार, ब्रेन ट्यूमर के लक्षण इस प्रकार हो सकते हैं:

लगातार सिरदर्द – खासकर सुबह के समय उठते ही सिर दर्द होना

मतली और उल्टी – बिना किसी स्पष्ट कारण के

दौरे पड़ना (सीज़र) – खासकर जिनको पहले कभी नहीं हुए हों

दृष्टि, श्रवण या वाणी में दिक्कत – देखना, सुनना या बोलने में परेशानी

संतुलन बिगड़ना – चलने में अस्थिरता या बार-बार गिरना

व्यवहार में बदलाव – चिड़चिड़ापन या मानसिक भ्रम

याददाश्त में कमी – भूलने की समस्या या सोचने में कठिनाई

पहचान और इलाज अब आसान

ब्रेन ट्यूमर की आज के समय में सटीक पहचान और सफल इलाज संभव है।

फंक्शनल एमआरआई और पीईटी स्कैन से ट्यूमर की सटीक लोकेशन का पता लगाया जा सकता है।

मिनिमल इनवेसिव न्यूरोसर्जरी अब बिना बड़ी सर्जरी के भी ट्यूमर हटाने की सुविधा देती है।

CyberKnife तकनीक एक उन्नत रेडिएशन ट्रीटमेंट है जो बिना चीर-फाड़ के ट्यूमर को खत्म कर सकती है।

इलाज में न्यूरोसर्जन, न्यूरोलॉजिस्ट, रेडिएशन ऑन्कोलॉजिस्ट और फिजियोथैरेपिस्ट जैसे विशेषज्ञों की टीम मिलकर काम करती है।

ब्रेन ट्यूमर कोई सामान्य सिरदर्द नहीं है, बल्कि यह एक गंभीर संकेत हो सकता है। यदि ऊपर बताए गए लक्षण लगातार बने रहें, तो डॉक्टर से तुरंत परामर्श लें। समय पर इलाज से इस बीमारी को मात दी जा सकती है। जागरूकता और सतर्कता ही इस रोग से बचाव की सबसे बड़ी कुंजी है।

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