तूफ़ान से पहले की ख़ामोशी: क्या उत्तर भारत में आ रही है मौसम की बड़ी तबाही?
उत्तर भारत का मौसम इन दिनों रहस्यमय करवट ले रहा है। आसमान में मंडराते काले बादल, अचानक उठती तेज़ हवाएं और मौसम विभाग द्वारा लगातार जारी हो रहे अलर्ट—ये सब संकेत हैं कि कुछ बड़ा होने वाला है। दिल्ली, यूपी, पंजाब, हरियाणा, राजस्थान से लेकर उत्तराखंड और बिहार तक, हर राज्य में अगले कुछ दिनों में मौसम की एक नई और अप्रत्याशित तस्वीर सामने आ सकती है।
दिल्ली-एनसीआर: गर्मी से राहत या नई आफ़त?
राजधानी दिल्ली और उसके आसपास के इलाकों में आज यानी 3 जून को आंधी-तूफान और बारिश की पूरी संभावना जताई गई है। तापमान में 3 से 5 डिग्री की गिरावट हो सकती है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दो दिनों तक तापमान सामान्य से कम रहेगा, लेकिन 5 जून के बाद गर्मी फिर से उग्र हो सकती है। हालांकि राहत की बात यह है कि अभी लू की वापसी की संभावना नहीं है।
यूपी में मौसम का दोहरा रूप: पश्चिम में बारिश, पूर्व में उमस
उत्तर प्रदेश में मौसम पूरी तरह से बदल चुका है। पश्चिमी जिलों में तेज़ हवाओं के साथ गरज-चमक और झमाझम बारिश की चेतावनी है। नोएडा, गाजियाबाद, अलीगढ़, मथुरा, आगरा, फिरोजाबाद, झांसी और कानपुर जैसे जिलों में आंधी के साथ तेज़ बारिश हो सकती है। हवाओं की रफ्तार 60 किमी/घंटा तक पहुंच सकती है।
वहीं पूर्वी यूपी के जिलों में फिलहाल मौसम शुष्क बना रहेगा, जहां लोगों को उमस भरी गर्मी का सामना करना पड़ सकता है। लखनऊ और आसपास के क्षेत्रों में शाम को हल्की बारिश या बूंदाबांदी हो सकती है।
राजस्थान में पश्चिमी विक्षोभ का असर
राजस्थान में सोमवार से सक्रिय हुए नए पश्चिमी विक्षोभ के कारण बीते 24 घंटों में कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। जयपुर, अजमेर, कोटा, बीकानेर और उदयपुर संभागों में दोपहर बाद बादल गरजने और आंधी के साथ बारिश होने का अनुमान है। अगले 4-5 दिनों तक अधिकतम तापमान 45 डिग्री से नीचे रहने की उम्मीद है।
उत्तराखंड में ऑरेंज अलर्ट: बारिश के साथ पहाड़ों में खतरे की आहट
उत्तराखंड में प्री-मानसून की बारिश ने रफ्तार पकड़ ली है। देहरादून, नैनीताल, पौड़ी और चंपावत जैसे इलाकों में गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी है। सोमवार को तापमान में 4 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। मौसम विभाग ने 3 और 4 जून को राज्य के 9 जिलों में भारी बारिश के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया है।
पूर्वोत्तर भारत में बाढ़ का डर
असम, मेघालय, मिजोरम और अरुणाचल प्रदेश में भारी से अति भारी वर्षा दर्ज की गई है। असम के कुछ जिलों में जलभराव और भूस्खलन की स्थिति बन चुकी है। मणिपुर और नागालैंड में बाढ़ की चेतावनी दी गई है। नमी युक्त हवाओं के उत्तर भारत की ओर बढ़ने से यह माना जा रहा है कि जल्द ही मानसून की औपचारिक एंट्री हो सकती है।
आंध्र प्रदेश भी अलर्ट पर
2 से 4 जून तक आंध्र प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में गरज-चमक और तेज़ हवाओं के साथ बारिश का अनुमान है। 5 जून से पहले राहत की संभावना नहीं दिख रही। एनसीएपी, यानम और एससीएपी क्षेत्रों में तेज़ हवाएं और बिजली गिरने की आशंका है।
क्या 6 जून से शुरू होगी अगली गर्मी की लहर?
मौसम विभाग के अनुसार, 6 जून से तापमान में 3 से 5 डिग्री की वृद्धि हो सकती है और भीषण गर्मी एक बार फिर लौट सकती है। फिलहाल देश के कई हिस्सों में बारिश राहत लेकर आई है, लेकिन यह राहत अस्थायी हो सकती है।
मानसून का इंतज़ार: कब देगा दस्तक?
केरल में समय से पहले मानसून की दस्तक के बाद उत्तर भारत में भी मानसून 10–12 जून के बीच दस्तक दे सकता है। उत्तर प्रदेश में यह 12 या 13 जून तक पहुंचने की संभावना है। हालांकि तब तक देश के अधिकांश हिस्सों को प्री-मानसून की तेज़ गतिविधियों का सामना करना पड़ेगा।
एक तरफ राहत देने वाली बारिश, दूसरी तरफ संभावित तबाही की आहट। तेज़ हवाएं, गरजते बादल, बदलते तापमान और लगातार जारी चेतावनियों ने लोगों को सतर्क कर दिया है। सवाल सिर्फ इतना है कि—”क्या ये सिर्फ बारिश है… या आ रही है बड़ी प्राकृतिक चुनौती?”
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