April 30, 2026

तबाही की एक रात: आंधी, बारिश और बादल फटने ने कई राज्यों में मचाया हाहाकार

शनिवार देर रात मौसम ने अचानक ऐसा रौद्र रूप धारण किया कि उत्तर से पश्चिम भारत तक तबाही की तस्वीरें उभर आईं। एक ओर दिल्ली-एनसीआर और मुंबई जैसे महानगरों में भीषण जलभराव से लोग रातभर बेहाल रहे, तो दूसरी ओर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल प्रदेश में बादल फटने और तूफान की मार ने जनजीवन को हिला कर रख दिया। मौसम विभाग ने पहले ही चेताया था, लेकिन प्रकृति के इस प्रकोप ने सारी तैयारियों को ध्वस्त कर दिया।

रविवार देर रात दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में तेज आंधी के साथ भारी बारिश हुई। मौसम विभाग ने पहले ही रेड अलर्ट जारी करते हुए 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की चेतावनी दी थी। बारिश के बाद राजधानी के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। सड़कों पर पानी इस कदर भर गया कि एक कार भी पूरी तरह डूब गई। दिल्ली-हरियाणा बॉर्डर, उत्तम नगर, द्वारका और लक्ष्मी नगर जैसे इलाकों में लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।

हरियाणा के झज्जर, करनाल और सोनीपत जैसे जिलों में भी तेज बारिश और आंधी ने कहर बरपाया। पेड़ गिरने और बिजली के खंभे टूटने की घटनाएं सामने आईं। वहीं, उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अब भी तेज बारिश जारी है। तेज हवाओं और आंधी ने ग्रामीण इलाकों में छोटे-छोटे मकानों और झोपड़ियों को नुकसान पहुंचाया है।

महाराष्ट्र के ठाणे और मुंबई में शनिवार रात जोरदार बारिश हुई, जिससे निचले इलाकों में जलभराव हो गया। लोगों को घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया। मुंबई में बारिश की वजह से लोकल ट्रेन सेवाएं भी प्रभावित हुईं। मौसम विभाग ने आगामी सात दिनों तक महाराष्ट्र, गोवा और आसपास के राज्यों में भारी बारिश की चेतावनी दी है।

हिमाचल के कुल्लू जिले की निरमंड तहसील में शनिवार दोपहर बाद बादल फटने की घटना हुई। जगातखाना पंचायत क्षेत्र में बादल फटने से स्कूल के पास खड़ी कई गाड़ियाँ बह गईं। आसपास के गांवों में बिजली आपूर्ति पूरी तरह ठप है। स्थानीय प्रशासन ने राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है, लेकिन दुर्गम इलाकों में पहुंचने में दिक्कतें आ रही हैं।

जम्मू संभाग के कठुआ, ऊधमपुर और डोडा जिलों में शनिवार दोपहर के बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ बारिश और ओले गिरने लगे। 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली धूल भरी आंधी ने कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे उखाड़ दिए। जम्मू शहर में टीन की छतें उड़ गईं और सड़कों पर मलबा फैल गया।

पंजाब में आंधी और बारिश की वजह से चार लोगों की जान चली गई। कई जगहों पर ओलावृष्टि के चलते फसलें भी बर्बाद हो गई हैं। अमृतसर, होशियारपुर और बठिंडा जिलों से नुकसान की खबरें आ रही हैं।

भारतीय मौसम विभाग ने साफ किया है कि खतरा टला नहीं है। आने वाले दिनों में उत्तर-पश्चिमी और पश्चिमी भारत के कई हिस्सों में तेज बारिश और आंधी के नए दौर शुरू हो सकते हैं। लोगों को चेताया गया है कि वह खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े न हों, कमजोर निर्माण से दूर रहें और बिजली गिरे तो जल स्रोतों से दूर चले जाएं।

एक ओर जहां लोगों को लू और झुलसा देने वाली गर्मी से राहत मिली, वहीं दूसरी ओर इस राहत ने बाढ़, तूफान, बादल फटने और मौत जैसी मुसीबतों की शक्ल में दस्तक दी। मौसम का यह कहर एक बार फिर यह दर्शा गया कि जलवायु परिवर्तन अब केवल चेतावनी नहीं, जमीनी सच्चाई बन चुका है।

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