April 22, 2026

वृंदावन के ठाकुर बांके बिहारी मंदिर पर बन रहे कॉरिडोर को लेकर विरोध तेज, क्या सरकार की योजना होगी सफल?

उत्तर प्रदेश के वृंदावन स्थित विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में हर दिन श्रद्धालुओं की भारी भीड़ देखी जाती है, लेकिन हाल के वर्षों में इस भीड़ के कारण होने वाली दुर्घटनाओं और श्रद्धालुओं के बेहोश होने की घटनाओं में इजाफा हुआ है। इन घटनाओं के मद्देनजर उत्तर प्रदेश सरकार ने मंदिर परिसर में सुधार के लिए एक कॉरिडोर बनाने की योजना बनाई थी। हालांकि इस योजना का विरोध कई बार हुआ और मामला अदालत तक भी पहुंच चुका था, लेकिन अब राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट जारी कर इस कॉरिडोर योजना को फिर से जीवनदान दिया है।

150 करोड़ रुपये का बजट: सुधार या विनाश?

गुरुवार को उत्तर प्रदेश सरकार ने अपने बजट में ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के लिए 150 करोड़ रुपये का भारी बजट आवंटित किया। इस बजट में मंदिर परिसर के कॉरिडोर के निर्माण के अलावा सौंदर्यीकरण और अन्य सुविधाओं की व्यवस्था भी की जाएगी। बताया जा रहा है कि इस बजट में से 100 करोड़ रुपये का उपयोग जमीन अधिग्रहण के लिए किया जाएगा, जबकि बाकी 50 करोड़ रुपये मंदिर के सौंदर्यीकरण पर खर्च किए जाएंगे। हालांकि, जैसे ही यह योजना फिर से सामने आई, मंदिर के आसपास के व्यापारी और गोस्वामी समाज इस फैसले से खुश नहीं दिखाई दिए और उन्होंने सरकार के इस कदम का विरोध किया।

कॉरिडोर से समाधान नहीं, बल्कि समस्याएं बढ़ेंगी: व्यापारी और गोस्वामी समाज का विरोध

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के व्यापार समिति के अध्यक्ष नीरज गौतम ने कहा, “सरकार यदि विकास करना चाहती है, तो हमें कोई आपत्ति नहीं है, लेकिन इस कॉरिडोर से किसी समस्या का समाधान नहीं होगा। इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। आप देख सकते हैं कि अयोध्या और काशी में चौड़ी चौड़ी सड़कें होने के बावजूद वहां भीड़ का क्या हाल है।” नीरज गौतम ने यह भी स्पष्ट किया कि वह सरकार के विकास कार्यों का समर्थन करते हैं, लेकिन यदि यह विकास विनाश का कारण बनेगा, तो वे इसका विरोध करेंगे।

वहीं, मंदिर के पास के व्यापारी नारायण अग्रवाल ने भी सरकार के फैसले का विरोध नहीं किया, लेकिन उनकी चिंता यह थी कि अगर इस कॉरिडोर के निर्माण के चलते उनकी दुकानें नष्ट हो जाती हैं, तो वे कहां जाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार को गरीबों और व्यापारियों के हितों का भी ध्यान रखना चाहिए।

गोस्वामी समाज की जमीन नहीं देंगे: ठोस कदम उठाने की चेतावनी

ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के सेवक अशोक गोस्वामी ने इस योजना पर और भी कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा, “सरकार पिछले तीन साल से कॉरिडोर बनाने की बात कर रही है, लेकिन इसका विरोध लगातार हो रहा है। अब जब सरकार ने 150 करोड़ रुपये का बजट दिया है, तो हम स्पष्ट रूप से कह रहे हैं कि हम अपनी जमीन नहीं देंगे और कॉरिडोर बनने नहीं देंगे। अगर ऐसा हुआ, तो हम इसके खिलाफ ठोस कदम उठाएंगे।”

इस तरह से ठाकुर बांके बिहारी मंदिर के कॉरिडोर को लेकर विवाद फिर से गर्मा गया है। सरकार और विरोधियों के बीच इस मुद्दे पर गहरे मतभेद हैं। सवाल यह है कि क्या सरकार अपनी योजना को लागू करने में सफल होगी या फिर विरोध के चलते यह योजना ठंडे बस्ते में चली जाएगी। अब सबकी नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में इस विवाद का हल कैसे निकलता है और क्या व्यापारी और गोस्वामी समाज की चिंताओं का समाधान होगा।

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