Vodafone Idea से MTNL तक टेलीकॉम शेयरों में आई जबरदस्त तेजी, युद्धविराम और मजबूत तिमाही नतीजों ने बढ़ाया निवेशकों का भरोसा
बुधवार, 25 जून को भारतीय शेयर बाजार में टेलीकॉम सेक्टर ने जबरदस्त प्रदर्शन किया और निवेशकों को चौंका दिया। खासकर MTNL और Vodafone Idea जैसे कंपनियों के शेयरों में आई भारी उछाल ने बाजार का रुख ही बदल दिया। इजराइल-ईरान युद्धविराम की घोषणा के बाद वैश्विक बाजारों में स्थिरता का माहौल बना, जिसका सीधा असर निवेशकों की धारणा पर पड़ा और उन्होंने टेलीकॉम जैसे सेक्टर्स में जोखिम लेने की इच्छा दिखाई।
टेलीकॉम स्टॉक्स में इस तेजी ने निवेशकों को नई उम्मीद दी है, खासकर उन कंपनियों में जहां लंबे समय से रिटर्न की संभावना कमजोर मानी जा रही थी।
MTNL बना दिन का टॉप गेनर
बाजार में सबसे ज्यादा फायदा MTNL को मिला, जिसके शेयरों में 19% की जोरदार छलांग देखी गई। यह बढ़त न सिर्फ ट्रेडर्स के लिए बल्कि लॉन्ग-टर्म निवेशकों के लिए भी एक सकारात्मक संकेत है। वहीं Vodafone Idea और Bharti Airtel के शेयरों में भी 2% से 3% तक की तेजी आई।
अन्य कंपनियों जैसे TTML, HFCL, Bharti Hexacom, Indus Towers में भी 1% से 5% तक की बढ़त दर्ज की गई। स्टरलाइट टेक्नोलॉजीज, ITI और RailTel जैसे स्टॉक्स ने बीते एक महीने में ही 12% से 38% तक का रिटर्न दिया है।
तेजी के पीछे सिर्फ सेंटिमेंट नहीं, मजबूत फंडामेंटल भी
टेलीकॉम सेक्टर की इस मजबूती के पीछे सिर्फ युद्धविराम से उत्पन्न हुआ वैश्विक सेंटिमेंट जिम्मेदार नहीं है, बल्कि कंपनियों के मजबूत फाइनेंशियल नतीजों ने भी निवेशकों को आकर्षित किया है। मार्च तिमाही यानी Q4 FY25 के दौरान टेलीकॉम कंपनियों ने कुल ₹6,100 करोड़ का प्रॉफिट कमाया, जबकि पिछले साल इसी अवधि में ₹1,500 करोड़ का नुकसान हुआ था। यह सुधार बेहद उल्लेखनीय है।
ARPU और सब्सक्राइबर बेस में सुधार
मोतीलाल ओसवाल फाइनेंशियल सर्विसेज की रिपोर्ट के अनुसार:
Bharti Airtel का औसत प्रति यूजर राजस्व (ARPU) ₹208 से बढ़कर ₹250 हो गया है।
Vodafone Idea का ARPU ₹145 से बढ़कर ₹180 पहुंच गया है।
देश में 4G और 5G यूजर्स की संख्या अब 80% के पार पहुंच गई है।
डेटा की खपत में जबरदस्त बढ़ोतरी हुई है, जिससे कंपनियों की आय में भी इज़ाफा हुआ है।
5G नेटवर्क और सरकारी योजनाओं का मिला सहारा
इस समय 5G नेटवर्क का तेजी से विस्तार हो रहा है और ‘डिजिटल इंडिया मिशन’ जैसी सरकारी पहलों ने टेलीकॉम सेक्टर को नई ऊर्जा दी है। इसके अलावा, ऑपरेटर कंपनियों द्वारा इंफ्रास्ट्रक्चर में किए जा रहे निवेश ने भी बाजार को यह भरोसा दिलाया है कि टेलीकॉम सेक्टर अब पहले से कहीं ज़्यादा स्थिर और प्रॉफिटेबल दिशा में बढ़ रहा है।
निवेशकों के लिए क्या संकेत?
इस तेजी से निवेशकों को दो संकेत मिलते हैं — पहला, टेलीकॉम सेक्टर में सुधार की स्पष्ट शुरुआत हो चुकी है, और दूसरा, वैश्विक घटनाओं का सीधा असर अब इस सेक्टर पर दिखने लगा है। विश्लेषकों का मानना है कि यदि फंडामेंटल्स इसी तरह मजबूत बने रहते हैं और सरकारी सहयोग मिलता रहा, तो आने वाले महीनों में भी यह सेक्टर निवेश के लिए आकर्षक बना रहेगा।
Vodafone Idea, MTNL और अन्य टेलीकॉम कंपनियों के शेयरों में आई तेजी सिर्फ एक दिन का घटनाक्रम नहीं, बल्कि आने वाले वक्त की संभावनाओं का संकेत है। यह रैली दिखाती है कि जहां सरकार, तकनीक और बाजार की दिशा एकसाथ हो, वहां निवेशकों के लिए “लॉटरी लगना” केवल कहावत नहीं रहती, हकीकत बन जाती है।
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