विश्व हिंदू परिषद नगर प्रखण्ड द्वारा किया गया साप्ताहिक सत्संग का आयोजन
शहर में एक विशेष धार्मिक आयोजन ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया, जब 19 जुलाई, दिन शनिवार को विश्व हिंदू परिषद नगर प्रखंड के तत्वावधान में साप्ताहिक सत्संग कार्यक्रम अत्यंत भव्यता और श्रद्धा के साथ संपन्न हुआ। इस बार आयोजन की विशिष्टता यह रही कि कार्यक्रम का आयोजन मातृशक्ति हित चिंतक श्रीमती रजनी सक्सेना के आवास पर किया गया, जहाँ पूरा वातावरण पूरी तरह भक्ति, साधना और राष्ट्र प्रेम की ऊर्जा से भर गया।
डॉ. राकेश कुमार दुबे, विभाग अध्यक्ष (पालक नगर प्रखंड, मातृशक्ति/दुर्गा वाहिनी, विश्व हिंदू परिषद, अवध प्रांत, बहराइच) इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित रहे और पूरे आयोजन की अगुवाई की। उन्होंने सत्संग की महत्ता को रेखांकित करते हुए इसे मातृशक्ति और संगठन की सामूहिक चेतना का प्रतीक बताया। कार्यक्रम की शुरुआत मंत्रोच्चारण, दीप प्रज्वलन और मंगलाचरण से हुई, जिसके बाद भजन-कीर्तन और प्रवचनों की मधुर श्रृंखला ने श्रद्धालुओं को भावविभोर कर दिया।
श्रीमती रजनी सक्सेना की अगुवाई में आयोजित इस कार्यक्रम में विश्व हिंदू परिषद की मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी की प्रभावशाली उपस्थिति विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। कार्यक्रम के दौरान भारतीय संस्कृति की गरिमा, स्त्रीशक्ति की भूमिका और सामाजिक मूल्यों पर विचार विमर्श हुआ, जिससे आयोजन न केवल धार्मिक समागम बल्कि वैचारिक मंच के रूप में भी सशक्त हुआ।
मुख्य अतिथि के रूप में कार्यक्रम में पधारे जिला महामंत्री ब्रजकिशोर शुक्ला, जिला उपाध्यक्ष रणधीर सिंह, मातृशक्ति सह संयोजिका श्रीमती संतोष पांडे और मीना द्विवेदी, सत्संग संयोजिका श्रीमती शशि दुबे एवं सह सत्संग प्रमुख सत्यदेव गुप्ता ने सत्संग के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। इनके साथ नगर प्रखंड के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं में शरद कालिया, ओमप्रकाश शर्मा, मनोज श्रीवास्तव, सतीश गुप्त, सुशील कुमार सिंह एडवोकेट, माया पांडे और कविता गुप्ता ने भी अपने विचार व्यक्त किए।
कार्यक्रम की एक और विशिष्टता यह रही कि इसमें महिलाओं की भागीदारी अत्यधिक सक्रिय और प्रेरणादायी रही। मातृशक्ति एवं दुर्गा वाहिनी की प्रतिनिधियों ने धार्मिक गीतों और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय बना दिया। मातृशक्ति हित चिंतक एवं समाजसेवी निशा शर्मा, डॉ. परशुराम तिवारी, चंद्रिका प्रसाद गुप्ता, नीरज त्रिपाठी, अर्चना जायसवाल, प्रज्ञा दीप सक्सेना, आराधना श्रीवास्तव, वंदना श्रीवास्तव, अंजना श्रीवास्तव, गीता श्रीवास्तव, स्वाति सिंह, रेखा सिंह, मंजू पांडे और सरोज पांडे सहित अनेक महिलाओं ने धर्म और राष्ट्र सेवा के प्रति अपने विचार साझा किए।
नगर प्रखंड के अन्य हित चिंतकों जैसे रिंकू गुप्ता, मुदित श्रीवास्तव, लक्ष्मीनारायण गुप्ता, संजय श्रीवास्तव और प्रदीप सक्सेना की उपस्थिति ने आयोजन को और अधिक गरिमा प्रदान की। पूरे कार्यक्रम के दौरान धर्म, संगठन और मातृशक्ति की भूमिका पर संवाद चलता रहा और सभी ने एकजुट होकर सामाजिक समरसता और सांस्कृतिक जागरूकता को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के समापन पर डॉ. राकेश कुमार दुबे ने सभी धर्मप्रेमी जनों, पदाधिकारियों और सहभागियों का हृदय से आभार प्रकट करते हुए कहा, “यह आयोजन केवल एक सत्संग नहीं, बल्कि संगठन शक्ति, मातृशक्ति के योगदान और सांस्कृतिक उत्तरदायित्व का प्रतीक है। हम सबका दायित्व है कि ऐसी गतिविधियों के माध्यम से भारत की आत्मा को मजबूत करें।”
इस आयोजन ने यह स्पष्ट कर दिया कि जब संगठन, सेवा और संस्कृति एक मंच पर आते हैं, तो समाज में नई चेतना और सामूहिक ऊर्जा का संचार होता है, जो भविष्य के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।
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