विराट कोहली का वो रिकॉर्ड जो शायद कभी न टूटे — इंग्लैंड की सरज़मीं पर रचा एशियाई इतिहास
क्रिकेट के मैदान पर कुछ कारनामे ऐसे होते हैं जो वक्त के साथ और भी बेशकीमती हो जाते हैं। विराट कोहली का इंग्लैंड में रचा गया एक ऐसा ही रिकॉर्ड अब फिर से चर्चा में है। जब भारत 20 जून से इंग्लैंड के खिलाफ पांच टेस्ट मैचों की सीरीज खेलने उतरने वाला है, तो कोहली की गैरमौजूदगी में उनकी उपलब्धियां और भी खास लगने लगी हैं। कोहली अब भले ही टेस्ट क्रिकेट से विदा ले चुके हों, लेकिन उनके बनाए आंकड़े आज भी नई पीढ़ी के खिलाड़ियों के लिए प्रेरणा बने हुए हैं।
2018 का वो यादगार दौरा, जिसने विराट को एशिया का बेताज बादशाह बना दिया
विराट कोहली ने 2018 में इंग्लैंड दौरे पर कप्तान के रूप में जबरदस्त प्रदर्शन किया था। उन्होंने उस सीरीज में 593 रन बनाए थे, जिसमें 2 शतक और 3 अर्धशतक शामिल थे। ये किसी भी एशियाई कप्तान द्वारा इंग्लैंड में सबसे ज्यादा रन हैं। पाकिस्तान, श्रीलंका या बांग्लादेश — कोई भी देश का कप्तान इंग्लैंड में इतने रन नहीं बना पाया। यह रिकॉर्ड आज भी कायम है और इसे तोड़ना इतना आसान भी नहीं लगता।
केवल रन नहीं, इंग्लैंड में सबसे ज्यादा टेस्ट जीतने वाले भारतीय कप्तान भी
विराट कोहली केवल रन ही नहीं बनाए, उन्होंने कप्तानी में भी ऐसी छाप छोड़ी जो दुर्लभ है। वे अब तक के एकमात्र भारतीय कप्तान हैं, जिन्होंने इंग्लैंड में तीन टेस्ट मुकाबले जीते। जबकि कई कप्तान तो अपने पूरे करियर में एक भी टेस्ट इंग्लैंड में नहीं जीत पाए। यह तथ्य कोहली की रणनीतिक क्षमता और आक्रामक नेतृत्व शैली को दर्शाता है।
अब शुभमन गिल की अग्निपरीक्षा, क्या कोई भर पाएगा विराट की जगह?
इस बार भारत को बिना रोहित शर्मा और विराट कोहली के टेस्ट सीरीज में उतरना है। ऐसे में सबसे बड़ी निगाहें होंगी शुभमन गिल पर, जो मिडिल ऑर्डर की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं। कोहली ने नंबर 4 पर जिस तरह इतिहास रचा, क्या गिल उसी क्रम पर अपने लिए नया अध्याय लिख पाएंगे? यह देखना बेहद रोचक होगा, लेकिन कोहली की जगह भरना आसान नहीं होगा।
एक खालीपन जो सिर्फ विराट कोहली ही भर सकते थे
विराट कोहली ने न सिर्फ रन बनाए, बल्कि टेस्ट क्रिकेट को नई ऊर्जा दी। उनकी फिटनेस, आक्रामकता और निरंतरता ने टीम इंडिया को नई पहचान दी। अब जब वह सफेद जर्सी को अलविदा कह चुके हैं, तो मैदान पर उनकी अनुपस्थिति एक खालीपन छोड़ गई है, जो हर फैन और खिलाड़ी महसूस करेगा।
सीरीज का मंच तैयार है, पर कोहली की छाया बनी रहेगी
20 जून से शुरू होने वाली इस ऐतिहासिक सीरीज में भारत नए चेहरों के साथ उतरेगा, लेकिन कोहली की विरासत हर मुकाबले में गूंजती रहेगी। चाहे वो रन हो, कप्तानी की चालें हों या इंग्लैंड में तीन टेस्ट जीतने का इतिहास— विराट कोहली का नाम हमेशा सुनहरे अक्षरों में लिखा रहेगा। अब देखना ये है कि कौन खिलाड़ी उनके नक्शे कदम पर चलते हुए अगला अध्याय लिखता है।
Share this content:
