April 17, 2026

वंदे भारत एक्सप्रेस: 6 साल में 136 ट्रेनें, रेलवे के खजाने में बेतहाशा बढ़ोतरी, क्या अगले साल रिकॉर्ड तोड़ कमाई संभव है?

नई दिल्ली: देश की सबसे तेज और आधुनिक वंदे भारत एक्सप्रेस ने न केवल भारतीय रेलवे को एक नई पहचान दी है, बल्कि रेलवे के खजाने में भी बेतहाशा वृद्धि की है। 15 फरवरी 2019 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश की पहली वंदे भारत एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी। यह ट्रेन नई दिल्ली से प्रयागराज होते हुए वाराणसी तक चलाई गई थी। शायद तब किसी ने नहीं सोचा था कि यह ट्रेन न केवल भारतीय रेलवे के इतिहास में मील का पत्थर बनेगी, बल्कि देश की सबसे तेज ट्रेन बनकर रेलवे के राजस्व को भी बेमिसाल बढ़ावा देगी।

वंदे भारत एक्सप्रेस की अद्भुत यात्रा:

वंदे भारत एक्सप्रेस की शुरुआत 2019 में केवल एक ट्रेन से हुई थी, लेकिन आज यानी 15 फरवरी 2025 तक देशभर में 136 वंदे भारत एक्सप्रेस ट्रेनें चल रही हैं। इसने रेलवे नेटवर्क को न केवल तेज़ी से जोड़ने का काम किया, बल्कि यात्री अनुभव को भी शानदार बना दिया। वंदे भारत एक्सप्रेस की खासियत यह है कि यह देश की सबसे तेज ट्रेन है और इसकी रफ्तार ने भारतीय रेलवे की छवि को एक नए मुकाम पर पहुंचाया है।

वंदे भारत से रेलवे की बढ़ी कमाई:

वंदे भारत एक्सप्रेस ने केवल यात्री सुविधाओं में ही सुधार नहीं किया है, बल्कि रेलवे के वित्तीय आंकड़ों को भी बेहतर बनाया है। बीते एक साल में वंदे भारत ट्रेन से होने वाली कमाई में 56 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 2024-25 के वित्तीय वर्ष में वंदे भारत एक्सप्रेस से 2 करोड़ 14 लाख पैसेंजर्स ने यात्रा की। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने राज्यसभा में बताया कि देशभर में चलने वाली ज्यादातर वंदे भारत एक्सप्रेस 100 प्रतिशत तक बुक हो रही हैं, जो इस ट्रेन की लोकप्रियता और आकर्षण को बखूबी दर्शाता है।

वंदे भारत के राजस्व आंकड़े:

हालांकि वंदे भारत एक्सप्रेस से हुई कुल कमाई का कोई आधिकारिक आंकड़ा सरकार के पास नहीं है, लेकिन अनुमान के मुताबिक, वित्तीय वर्ष 2025-26 में वंदे भारत ट्रेनों और एक्जीक्यूटिव क्लास से रेलवे को 987 करोड़ रुपये की कमाई होने का अनुमान है। इस दौरान राजस्व में 56 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी होने का पूर्वानुमान है। वहीं, वित्तीय वर्ष 2024-25 में रेलवे ने इन ट्रेनों से अब तक 698 करोड़ रुपये की कमाई की है।

वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता का राज:

वंदे भारत एक्सप्रेस की सफलता की कहानी न केवल तेज़ गति, बल्कि यात्री सुविधाओं में सुधार और यात्रा के समय में कमी को लेकर भी है। ट्रेन में स्मार्ट डिजाइन, आधुनिक वाई-फाई, एयर कंडीशनिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं, जो यात्रियों के अनुभव को बेहद आरामदायक बनाती हैं। इसके अलावा, ट्रेन की रफ्तार और कम यात्रा समय ने इसे उन यात्रियों के बीच और भी लोकप्रिय बना दिया है, जो समय की बचत के महत्व को समझते हैं।

क्या अगले साल वंदे भारत की कमाई में होगा रिकॉर्ड तोड़ उछाल?

अगर वंदे भारत एक्सप्रेस की लोकप्रियता और यात्रियों की संख्या में इसी तरह बढ़ोतरी होती रही, तो अगले कुछ वर्षों में इसके राजस्व में और भी भारी बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है। रेलवे विभाग के अनुमान के मुताबिक, अगले साल वंदे भारत एक्सप्रेस से होने वाली कमाई में रिकॉर्ड तोड़ वृद्धि हो सकती है, और यह आंकड़ा 1,000 करोड़ रुपये के पार जा सकता है।

वंदे भारत का भविष्य:

इस वक्त वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारतीय रेलवे के लिए एक नई दिशा और ऊंचाई को छुआ है। इसके सफल संचालन और बढ़ती लोकप्रियता के बाद, रेलवे विभाग अब पूरे देश में इस तरह की और ट्रेनें चलाने की योजना बना रहा है। आने वाले वर्षों में वंदे भारत एक्सप्रेस का नेटवर्क और बढ़ेगा, जिससे यात्री सुविधाओं में और भी सुधार होगा और रेलवे की कमाई में लगातार वृद्धि हो सकती है।

निष्कर्ष:

वंदे भारत एक्सप्रेस ने भारतीय रेलवे के इतिहास में अपनी एक अहम जगह बनाई है। 6 साल के भीतर 136 वंदे भारत ट्रेनें चलाने वाली यह एक्सप्रेस न केवल भारतीय रेलवे की छवि को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उजागर कर रही है, बल्कि रेलवे के खजाने में भी करोड़ों का इजाफा कर रही है। आने वाले समय में इसके और बढ़ते नेटवर्क और बेहतर सुविधाओं के साथ रेलवे की कमाई में और भी इज़ाफा हो सकता है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि वंदे भारत एक्सप्रेस की यह यात्रा भविष्य में किस नई ऊंचाई तक पहुंचती है।

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