उत्तर प्रदेश और पंजाब पुलिस का संयुक्त ऑपरेशन, पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी लजार मसीह गिरफ्तार
एक सनसनीखेज गिरफ्तारी ने देशभर में सुरक्षा एजेंसियों की तत्परता और सफलता को उजागर किया है। उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पंजाब पुलिस के जॉइंट ऑपरेशन में एक आतंकवादी को गिरफ्तार किया गया, जो पाकिस्तान के आईएसआई से कथित रूप से जुड़ा हुआ था। इस गिरफ्तारी के बाद सुरक्षा एजेंसियों के बीच हलचल मच गई है, क्योंकि यह ऑपरेशन आतंकवादियों के नेटवर्क को तोड़ने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।
कौशांबी में हुई गिरफ्तारी, खालिस्तानी आतंकी लजार मसीह पकड़ा गया
गुरुवार तड़के, उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के कोखराज पुलिस थाना क्षेत्र में एक बड़े ऑपरेशन के तहत बब्बर खालसा इंटरनेशनल (बीकेआई) के एक संदिग्ध आतंकवादी लजार मसीह को गिरफ्तार किया गया। यह आतंकवादी पंजाब के अमृतसर के रामदास इलाके के कुर्लियान गांव का निवासी है और सुबह करीब 3:20 बजे एसटीएफ और पंजाब पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा पकड़ा गया। लजार मसीह के बारे में जानकारी सामने आई थी कि वह स्वर्ण सिंह उर्फ जीवन फौजी, जो बीकेआई के जर्मनी स्थित मॉड्यूल का प्रमुख है, के लिए काम करता था और पाकिस्तान स्थित आईएसआई के गुर्गों के संपर्क में था।
गिरफ्तारी से जुड़े अहम खुलासे और विस्फोटक सामग्री की बरामदगी
गिरफ्तारी के बाद, लजार मसीह के पास से सुरक्षा एजेंसियों ने विस्फोटक सामग्री और हथियारों का बड़ा जखीरा बरामद किया। गिरफ्तार आतंकवादी के पास से कुल तीन सक्रिय हथगोले, दो सक्रिय डेटोनेटर, एक विदेशी निर्मित पिस्टल और 13 कारतूस बरामद किए गए। इसके अलावा, उसकी संपत्ति से एक सफेद रंग का विस्फोटक पाउडर, एक गाजियाबाद के पते वाला आधार कार्ड और बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। यह बरामदगी इस बात का संकेत देती है कि लजार मसीह एक बड़े आतंकवादी हमले की साजिश रच रहा था, जिसे समय रहते नाकाम कर दिया गया।
न्यायिक हिरासत से फरार था लजार मसीह
यह भी सामने आया है कि लजार मसीह पहले 24 सितंबर 2024 को पंजाब में न्यायिक हिरासत से फरार हो गया था। उसकी गिरफ्तारी के बाद यह स्पष्ट हो गया है कि वह पाकिस्तान स्थित आतंकी नेटवर्क से गहरे जुड़ा हुआ था और उसकी गतिविधियों ने सुरक्षा एजेंसियों को गंभीर चिंता में डाल दिया था।
बीकेआई के ऑपरेटिव्स की गिरफ्तारी
लजार मसीह की गिरफ्तारी से पहले, पंजाब पुलिस ने 23 फरवरी 2024 को बीकेआई के दो प्रमुख ऑपरेटिव्स को गिरफ्तार किया था। इन दोनों आतंकवादियों की पहचान जगदीश सिंह उर्फ जग्गा और शुभदीप सिंह औलख उर्फ शुभ के रूप में हुई थी। यह दोनों खालिस्तानी आतंकी हरविंदर सिंह रिंडा और गैंगस्टर हैप्पी पासियां के सीधे संपर्क में थे और इनसे पंजाब में टारगेट किलिंग करने का आदेश प्राप्त था।
इन गिरफ्तारी के बाद पंजाब पुलिस ने बताया था कि इन आतंकवादियों का मुख्य उद्देश्य भारत में आतंकवादी हमले कर, विशेष रूप से खालिस्तानी विचारधारा को फैलाने का था। इस प्रकार की गिरफ्तारी से पंजाब पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों को आतंकवादियों के नेटवर्क को नष्ट करने में मदद मिली है।
आईएसआई और बीकेआई के कनेक्शन को लेकर नई जानकारी
लजार मसीह की गिरफ्तारी और उससे मिली जानकारी के बाद अब सुरक्षा एजेंसियां पाकिस्तान स्थित आईएसआई और बीकेआई के बीच के संबंधों की जांच कर रही हैं। सुरक्षा अधिकारियों का मानना है कि बीकेआई आतंकवादी संगठन, जो कि मुख्य रूप से पंजाब में सक्रिय है, पाकिस्तान के आंतरिक नेटवर्क से जुड़ा हुआ है। यह संगठन समय-समय पर भारत में आतंकी गतिविधियां चलाने के लिए पाकिस्तान से समर्थन प्राप्त करता है।
पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों का मानना है कि इन आतंकवादी संगठनों के नेटवर्क को खत्म करने के लिए संयुक्त प्रयासों की आवश्यकता है, ताकि इनकी गतिविधियों पर पूरी तरह से काबू पाया जा सके। इसके साथ ही, यह गिरफ्तारी इस बात का भी संकेत है कि सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों के नेटवर्क को ध्वस्त करने में प्रभावी हो रही हैं।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश एसटीएफ और पंजाब पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने एक बड़ी आतंकवादी साजिश को नाकाम कर दिया और पाकिस्तान से जुड़े आतंकवादी नेटवर्क को बड़ी चोट पहुंचाई। लजार मसीह की गिरफ्तारी के बाद, सुरक्षा एजेंसियां अब आतंकवादी गतिविधियों के विस्तृत नेटवर्क की जांच कर रही हैं। इस गिरफ्तारी से यह साबित होता है कि देश की सुरक्षा एजेंसियां आतंकवादियों के खिलाफ अपनी कार्रवाई में पूरी तरह से सतर्क और सक्रिय हैं।
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