April 17, 2026

यूपी विधानसभा में आज हुई तीखी बहस, विपक्ष ने उठाए अहम मुद्दे, सरकार पर दबाव

उत्तर प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र इन दिनों जोर-शोर से चल रहा है, जहां विपक्ष ने कई अहम मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने का प्रयास किया। शुक्रवार को सदन में तगड़ी बहस हुई, जिसमें विपक्ष ने सरकार से सवाल पूछे, जिनका जवाब उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्रियों ने दिया। इस दौरान समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान ने एक अनोखा तरीका अपनाया, जिससे पूरे सदन का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया।

अतुल प्रधान, जिनके पास झाड़ू और डॉ. आंबेडकर की तस्वीर थी, विधानसभा की कार्यवाही में शामिल होने पहुंचे। उनके हाथों में ये प्रतीकात्मक वस्तुएं साफ-सफाई के कर्मचारियों के मुद्दे को लेकर उनके विरोध को दिखाती थीं। प्रधान ने विधानसभा भवन में स्थित चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा के पास प्रदर्शन किया और सरकार से सफाई कर्मचारियों के मुद्दे को हल करने की अपील की।

अतुल प्रधान ने सदन में कहा, “यह सरकार केवल झूठ फैलाने का काम कर रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महाकुंभ के बाद प्रयागराज में सफाई कर्मियों के साथ भोजन किया था और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सफाई कर्मियों के पैर धोकर उन्हें सम्मान दिया था, लेकिन इन सारे आयोजनों से उनकी समस्याओं का समाधान नहीं होगा।”

उन्होंने सरकार से साफ कहा कि सफाई कर्मियों को न्याय मिलना चाहिए और इस उद्देश्य के तहत नगर पालिका, नगर पंचायत और अन्य विभागों में खाली पड़े सफाई कर्मचारियों के पदों को भरा जाना चाहिए। प्रधान ने यह भी कहा कि सफाई कर्मियों को सरकारी नौकरी दी जानी चाहिए ताकि उनकी मेहनत का सही सम्मान मिल सके।

इस बीच, विधानसभा में तदर्थ शिक्षकों के वेतन न दिए जाने और उनके नियमितीकरण के मुद्दे पर भी विरोध तेज हो गया। कई विपक्षी विधायकों ने इस पर मंत्री गुलाब देवी से सवाल किए और सरकार के इस कदम पर तीखा हमला किया। मंत्री गुलाब देवी ने जवाब देते हुए कहा कि सरकार इस मुद्दे पर गंभीर है और तदर्थ शिक्षकों के बारे में जल्द ही फैसला लिया जाएगा।

वहीं, विधानसभा में वित्त विहीन विद्यालयों की मान्यता नियमावली में संशोधन की भी मांग उठी। निर्दल समूह के विधायकों ने यह मुद्दा उठाया और कहा कि पुराने विद्यालयों को छूट देने के संबंध में शासन स्तर पर विचार किया जा रहा है। मंत्री ने इस पर स्पष्ट किया कि इस विषय पर शासन में विचार-विमर्श जारी है और जल्द ही इस पर निर्णय लिया जाएगा।

विपक्ष के इन हमलों के बीच सरकार पर सवालों का दबाव बढ़ता जा रहा है। इन मुद्दों पर होने वाली बहसों के बाद यह साफ है कि यूपी विधानसभा में इस बार विपक्ष ने सरकार को घेरने की पूरी तैयारी की हुई है। अब देखना होगा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनकी सरकार इन सवालों के क्या जवाब देते हैं और क्या उनकी ओर से कुछ ठोस कदम उठाए जाते हैं।

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