यूपी में बिहार की महिला मजदूर की हत्या, ईंट-पत्थर से पीटकर मार डाला गया शव; परिजनों ने लगाए गंभीर आरोप
बिहार के गया जिले की एक दलित महिला मजदूर की लखनऊ में हत्या कर दी गई है, जिससे न सिर्फ उसके परिवार में कोहराम मचा है, बल्कि मजदूरों की सुरक्षा को लेकर भी कई सवाल खड़े हो गए हैं। मृतका की पहचान सुल्तानपुर गांव निवासी 33 वर्षीय सुनीता देवी के रूप में हुई है। वह अपने पति खेलावन मांझी और दो बेटों के साथ पिछले साल अक्टूबर में लखनऊ के इटौंजा थाना क्षेत्र में स्थित एक ईंट भट्ठे पर काम करने गई थीं।
6 जून की रात करीब सात बजे भट्ठे पर मजदूरों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। उसी दौरान सुनीता देवी बीच-बचाव करने पहुंचीं, लेकिन उल्टा उन्हीं पर हमला हो गया। गुस्साए लोगों ने उन्हें ईंट और पत्थरों से बेरहमी से पीटा, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। महिला के पति खेलावन मांझी और देवर लालमोहन मांझी का कहना है कि वे चंदन कुमार नामक व्यक्ति के ईंट भट्ठे पर काम करते थे, जहां यह वारदात हुई।
मामले की गंभीरता को देखते हुए यूपी पुलिस ने भट्ठे के मैनेजर संतलाल कुमार की ओर से दर्ज कराई गई एफआईआर के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी होगी और ईंट भट्ठा मालिक से भी पूछताछ की जाएगी।
इस बीच सबसे शर्मनाक बात यह रही कि जब महिला का शव गांव लाया जा रहा था, तब भट्ठा मालिक ने मृतका की मजदूरी भी नहीं दी। रविवार की सुबह एंबुलेंस से सुनीता देवी का शव उनके पैतृक गांव सुल्तानपुर पहुंचा, जहां ग्रामीणों और परिजनों में भारी आक्रोश देखा गया।
यह मामला यूपी में बाहर से आए मजदूरों की स्थिति और उनके साथ होने वाले व्यवहार की एक और कड़वी तस्वीर सामने रखता है। अब देखना होगा कि पुलिस इस हत्या के पीछे के असली दोषियों को कब तक पकड़ पाती है और पीड़ित परिवार को न्याय कब तक मिल पाता है।
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