April 17, 2026

यूपी विधानसभा में विजन डॉक्यूमेंट-2047 पर सियासी बहस तेज, कांग्रेस और सपा नेताओं ने सरकार पर साधा निशाना

उत्तर प्रदेश विधानसभा में “विकसित भारत, विकसित उत्तर प्रदेश-2047” विषय पर चर्चा शुरू हो गई है। यह बहस 14 अगस्त को पूर्वाह्न 11 बजे तक लगातार जारी रहेगी। चर्चा के दौरान विपक्षी दलों ने सरकार पर प्रदेश और केंद्र की नीतियों के विरोध में तीखे सवाल उठाए। नेता प्रतिपक्ष माता प्रसाद पांडेय ने बीते साढ़े आठ वर्षों में किए गए विकास कार्यों पर सवाल खड़े किए और सरकार से जवाब मांगा।

कांग्रेस दल की नेता आराधना मिश्रा मोना ने कहा कि 2047 में भारत को विकसित बनाने की बात तो की जा रही है, लेकिन आज की जो उपलब्धियां हैं वह पंडित जवाहर लाल नेहरू के विजन का ही परिणाम हैं। उन्होंने चंद्रयान, आईआईटी और एम्स जैसी उपलब्धियों का उदाहरण देते हुए कहा कि इन्हें भूलकर केवल भविष्य का सपना दिखाना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि यूपी में किसानों की स्थिति चिंताजनक है और जो वादे किए गए थे, वे अब तक पूरे नहीं हुए हैं।

आराधना मिश्रा ने बताया कि किसानों को एमएसपी नहीं दिया गया और कृषि उपकरण महंगे हैं। खाद की बोरी भी किसानों तक नहीं पहुँच रही है। उन्होंने यूपी सरकार के स्वास्थ्य बजट की आलोचना करते हुए कहा कि यह पूर्ण बजट का सिर्फ छह प्रतिशत है। आयुष्मान योजना में धांधली की खबरें आ रही हैं और युवाओं के लिए बेरोजगारी सबसे बड़ा संकट है। कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि सरकार योजनाओं का ढिंढोरा जरूर पीटती है, लेकिन उन्हें पूरा नहीं कर पाती।

सपा नेता शिवपाल सिंह यादव ने भी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि भाजपा ने अभी तक युवाओं को रोजगार देने का वादा पूरा नहीं किया। किसानों को एमएसपी नहीं मिला और 2022 तक घर देने का वादा भी पूरा नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसा कि अब सरकार कह रही है कि 22 साल बाद आज के युवा अपने पोते-पोतियों के लिए ही नौकरी पाएंगे। उनका कहना था कि 2047 का सपना दिखाने से बेहतर है कि सरकार 2025 की वास्तविकताओं का सामना करे।

विजन डॉक्यूमेंट-2047 पर जारी चर्चा में विभिन्न सवालों और सुझावों के बीच प्रदेश के विकास के मुद्दों पर गहन बहस हो रही है। नेता प्रतिपक्ष लगातार सरकार को पिछली नीतियों और योजनाओं के कार्यान्वयन पर कटाक्ष कर रहे हैं। इसके अलावा, स्वास्थ्य, कृषि और रोजगार जैसे प्रमुख मुद्दे भी विधानसभा में जोर-शोर से उठाए जा रहे हैं।

इस चर्चा का उद्देश्य यूपी को 2047 तक एक विकसित और समृद्ध राज्य बनाने के लिए विभिन्न नीतियों और योजनाओं पर विचार करना है। विपक्षी दलों का जोर वर्तमान समय की असफलताओं और योजनाओं के अधूरे होने पर है। ऐसे में आगामी दो दिनों तक विधानसभा में यह बहस प्रदेश की सियासी हलचल का केंद्र बनी रहेगी।

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