उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ पुलिस का बड़ा ऑपरेशन, मुठभेड़ों से दहले कई जिले, घायल हुए बदमाश, कई गिरफ्तार
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बीते 48 घंटों में जो हुआ, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं था। तड़ातड़ गोलियों की आवाज, पुलिस की सायरन, भागते अपराधी और जवाबी फायरिंग में घायल होते बदमाश… यूपी पुलिस ने एक के बाद एक ऑपरेशन में कई खतरनाक अपराधियों को दबोच लिया। इन मुठभेड़ों ने अपराधियों को साफ संदेश दे दिया है – अब कानून से टकराने की कीमत बहुत भारी पड़ने वाली है।
राज्य के मथुरा, नोएडा, सुल्तानपुर और कौशांबी जिलों में पुलिस की टीमें बीते दो दिनों से एक्शन में रहीं। कहीं चांदी लूट के आरोपी ढूंढे गए, तो कहीं गौ-तस्करों से आमना-सामना हुआ। ग्रेटर नोएडा के बिसरख थाना क्षेत्र में पुलिस और एक टप्पेबाज के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें बदमाश के पैर में गोली लगी। ये वही अपराधी था जिसने अपने साथियों के साथ मिलकर एक कारोबारी से 10 लाख रुपये की ठगी की थी। इस पर हरियाणा में भी कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सुल्तानपुर जिले के कादीपुर इलाके में पुलिस और एसओजी की टीम की गौ-तस्करों से जबरदस्त भिड़ंत हो गई। मुखबिर की सूचना पर घेराबंदी की गई, लेकिन बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में मोहम्मद जावेद और साहिल नाम के दो तस्करों को गोली लगी, जबकि एक अन्य आरोपी सुशील उपाध्याय को गिरफ्तार कर लिया गया। तीनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
कौशांबी जिले में पिपरी और लोधौर पुलिस ने चोरी की वारदातों में शामिल गैंग पर शिकंजा कसने की कोशिश की। घेराबंदी होते ही बदमाशों ने गोलीबारी शुरू कर दी, लेकिन पुलिस की मुस्तैदी के चलते एक आरोपी के पैर में गोली लगी और एक अन्य मौके से गिरफ्तार कर लिया गया।
मथुरा में चांदी लूटकांड के आरोपियों से पुलिस की मुठभेड़ सबसे बड़ी सफलता मानी जा रही है। दिल्ली-आगरा हाईवे पर दो दिन पहले लूट की वारदात हुई थी। पुलिस को सूचना मिली कि लुटेरे बुलेरो में फरार हो रहे हैं। पीछा करते हुए पुलिस ने उन्हें रोका, तो उन्होंने फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में राहुल और नीरज नाम के दो बदमाश घायल हुए और पकड़े गए।
इन लगातार हो रही मुठभेड़ों ने पूरे राज्य में एक संदेश साफ कर दिया है – यूपी में अब अपराध के लिए कोई जगह नहीं। योगी सरकार की नीति ‘zero tolerance’ अब सड़कों पर साफ दिखाई दे रही है। पुलिस की सक्रियता से न सिर्फ अपराधी दबाव में हैं, बल्कि आम जनता में भी कानून के प्रति भरोसा मजबूत हो रहा है।
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