मेरठ: कांटिनेंटल टायर कंपनी की यूनिट बंद होने पर भड़का गुस्सा, मजदूरों का धरना, सपा विधायक अतुल प्रधान से पुलिस की तीखी बहस
उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले में 19 जून को एक बड़ा श्रमिक आंदोलन देखने को मिला। मोदीपुरम स्थित कांटिनेंटल टायर कंपनी की यूनिट अचानक बंद किए जाने के विरोध में कंपनी के सैकड़ों मजदूर सड़क पर उतर आए। बिना किसी पूर्व सूचना के यूनिट बंद करने पर नाराज मजदूरों ने फैक्ट्री गेट के बाहर धरना शुरू कर दिया और जोरदार प्रदर्शन किया।
धरने को राजनीतिक समर्थन भी मिलने लगा, जब समाजवादी पार्टी के विधायक अतुल प्रधान प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे। उन्होंने मजदूरों के हक में आवाज बुलंद की और प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। धरने के दौरान जब पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को हटाने की कोशिश की, तो विधायक अतुल प्रधान और पुलिस अधिकारियों के बीच तीखी बहस हो गई।
मजदूरों का कहना है कि वे वर्षों से इस यूनिट में काम कर रहे हैं, लेकिन अब प्रबंधन ने अचानक यूनिट बंद करने का फैसला ले लिया। न कोई सूचना दी गई, न ही कोई मुआवज़ा तय किया गया। अब उनके सामने रोज़ी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है।
प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि कंपनी प्रबंधन लंबे समय से श्रमिकों की मांगों को अनदेखा कर रहा था। कई बार शिकायतें की गईं, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। अब जब यूनिट को ताला लगा दिया गया है, तो मजदूरों के सामने जीवन यापन का संकट गहरा गया है।
विधायक अतुल प्रधान ने मौके पर प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की और कहा कि मजदूरों के साथ अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर मजदूरों की मांगें पूरी नहीं हुईं तो सपा और अन्य संगठन आंदोलन को और व्यापक बनाएंगे।
घटना के बाद प्रशासन हरकत में आया और मौके पर अतिरिक्त पुलिस बल तैनात कर दिया गया। स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन नियंत्रण में है।
इस पूरे घटनाक्रम ने शहर में हलचल पैदा कर दी है। मेरठ के उद्योगों में छंटनी और यूनिट बंद होने की घटनाएं पहले भी सामने आ चुकी हैं, लेकिन इस बार राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण मामला और गंभीर हो गया है। मजदूरों ने साफ कर दिया है कि जब तक यूनिट को दोबारा शुरू नहीं किया जाता या वैकल्पिक रोजगार की व्यवस्था नहीं होती, वे धरना खत्म नहीं करेंगे।
अब सबकी नजर जिला प्रशासन और कंपनी प्रबंधन के अगले कदम पर टिकी है।
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