शाहजहांपुर बाल गृह से आई इंसानियत को शर्मसार करने वाली तस्वीरें: 6 महीने पुराना क्रूरता का वीडियो आया सामने, प्रशासन में मचा हड़कंप
शाहजहांपुर के नवादा इंदेपुर स्थित राजकीय बाल गृह से एक ऐसा दिल दहला देने वाला वीडियो सामने आया है, जिसने पूरे जिले में सनसनी फैला दी है। यह वीडियो कोई साधारण घटना नहीं है, बल्कि उन मासूमों की चीख और कराह की कहानी कह रहा है, जिनका सहारा बनने का जिम्मा सरकार और समाज ने लिया था। मगर इन्हीं की देखभाल के लिए तैनात महिला केयरटेकर ने उनके साथ जो सलूक किया, वह किसी यातना गृह की क्रूरता से कम नहीं है।
इस वीडियो में देखा जा सकता है कि बाल गृह की महिला केयरटेकर पूनम गंगवार बच्चों को न सिर्फ मार रही है, बल्कि उन्हें दर्द में तड़पते हुए भी कोई रहम नहीं दिखा रही। बच्चे रोते-बिलखते रहम की गुहार लगा रहे हैं, लेकिन वह लगातार उन्हें बेरहमी से पीटे जा रही है। यह वीडियो अब वायरल हो चुका है, मगर सबसे हैरानी की बात यह है कि यह घटना करीब छह महीने पुरानी बताई जा रही है।
इस वीडियो के सामने आने के बाद मुख्य विकास अधिकारी अपराजिता सिंह ने मामले को तुरंत संज्ञान में लिया और अपनी सीधी निगरानी में जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बाल गृह का दौरा किया और पीड़ित बच्चों से बातचीत कर मामले की गंभीरता को समझने का प्रयास किया। अपराजिता सिंह ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि यह बाल गृह अनाथ और बेसहारा बच्चों का घर है, जहां उन्हें सुरक्षित माहौल और संवेदनशील देखभाल मिलनी चाहिए थी। मगर यहां जो हुआ, वह न केवल असंवेदनशीलता की पराकाष्ठा है, बल्कि कानूनन अपराध भी है।
प्रशासन की ओर से यह भी संकेत दिए गए हैं कि महिला केयरटेकर पूनम गंगवार के खिलाफ FIR दर्ज की जा सकती है और जांच में यदि अन्य कर्मचारी भी दोषी पाए गए तो उन पर भी कार्रवाई तय है।
इस पूरी घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है — अगर यह वीडियो अब सामने न आता, तो क्या बच्चों की यह यातना हमेशा छुपी रहती? क्या बाल संरक्षण की जिम्मेदार व्यवस्थाएं इतनी लचर हैं कि छह महीने तक बच्चों पर होते अत्याचार का कोई पता न चल पाया?
मुख्य विकास अधिकारी का कहना है कि प्रशासन पूरी संवेदनशीलता और सख्ती के साथ इस मामले की जांच करेगा। बच्चों की सुरक्षा से समझौता करने वालों को किसी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने ये भी कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों, इसके लिए बाल गृहों की निगरानी प्रणाली को भी और अधिक सुदृढ़ किया जाएगा।
बाइट – अपराजिता सिंह, मुख्य विकास अधिकारी, शाहजहांपुर
“यह बेहद गंभीर मामला है। अनाथ और बेसहारा बच्चों को जिनके सहारे की सबसे अधिक जरूरत होती है, उनके साथ ऐसा अमानवीय व्यवहार बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। हमने जांच शुरू कर दी है और दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी।”
अब देखना यह होगा कि क्या इस बार सिर्फ जांच और बयानबाज़ी तक मामला सिमट जाएगा या वाकई दोषियों को सज़ा मिलेगी और बच्चों को मिलेगा वह सम्मान और सुरक्षा, जिसके वे हकदार हैं।
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