लखनऊ के भैसाकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान मचा बवाल, लकड़ी लगाने को लेकर दो गुटों में हिंसक झड़प
उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहां शहर के प्रमुख भैसाकुंड श्मशान घाट पर अंतिम संस्कार के दौरान दो गुटों में ऐसा विवाद हुआ कि पूरा माहौल तनावपूर्ण हो गया। लकड़ी लगाने जैसे सामान्य से काम को लेकर कहासुनी इतनी बढ़ गई कि दोनों पक्षों के बीच लाठी-डंडे चलने लगे।
गुरुवार को हुई इस घटना में बताया गया कि चिनहट निवासी पप्पू और मड़ियांव के रहने वाले रूपेश कुमार, जो घाट पर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया में मदद करने का काम करते हैं, वे किसी शव की चिता में लकड़ी लगाने को लेकर आपस में भिड़ गए। पहले बहस हुई, फिर एक-दूसरे पर आरोप-प्रत्यारोप शुरू हुए और फिर देखते ही देखते बात हाथापाई तक जा पहुंची। मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया, जिससे कई लोग घायल हो गए।
घटनास्थल पर मौजूद अंतिम संस्कार में शामिल लोग डर के मारे इधर-उधर भागने लगे। कुछ लोगों ने घटना का वीडियो बना लिया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि कैसे एक गंभीर और भावनात्मक माहौल में मौजूद लोग अचानक हिंसा पर उतर आते हैं और चारों तरफ अफरा-तफरी मच जाती है।
स्थानीय लोगों की सूचना पर हजरतगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों गुटों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि यह घटना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण और असंवेदनशील है, खासकर उस स्थान पर जहां लोग अपने परिजनों को अंतिम विदाई देने आते हैं।
पुलिस का कहना है कि श्मशान घाट जैसे स्थान पर कानून व्यवस्था बनाए रखना बेहद जरूरी है, इसलिए इस घटना को गंभीरता से लिया जा रहा है। दोनों गुटों से पूछताछ के बाद कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फिलहाल इस घटना के बाद से भैसाकुंड श्मशान घाट पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती कर दी गई है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। पुलिस आसपास के लोगों से भी जानकारी जुटा रही है और CCTV फुटेज खंगाल रही है ताकि असली दोषियों की पहचान की जा सके।
यह घटना इस बात का भी संकेत देती है कि संवेदनशील स्थानों पर कार्य कर रहे लोगों में अनुशासन और संवेदनशीलता की कितनी जरूरत है। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि श्मशान घाट की गरिमा बनी रहे।
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