आज 1 फरवरी को देश की अर्थव्यवस्था की दिशा तय करने वाला केंद्रीय बजट 2026 संसद में पेश किया जा रहा है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण लगातार नौवीं बार आम बजट प्रस्तुत कर रही हैं। इस बजट से टैक्सपेयर्स को राहत, मिडिल क्लास को सहारा, किसानों को समर्थन और निवेशकों को स्पष्ट रोडमैप की उम्मीद है। ऐसे समय में यह बजट आ रहा है जब घरेलू मांग मजबूत मानी जा रही है, लेकिन वैश्विक स्तर पर अमेरिकी टैरिफ नीतियों, भू-राजनीतिक तनावों और सप्लाई चेन में बाधाओं के कारण अनिश्चितता बनी हुई है।
बजट से पहले संसद में पेश किए गए इकोनॉमिक सर्वे 2025-26 में भारतीय अर्थव्यवस्था की बड़ी तस्वीर सामने रखी गई। सर्वे के मुताबिक देश को वर्किंग-एज आबादी का फायदा मिल रहा है, लेकिन रोजगार और स्वास्थ्य जैसे क्षेत्रों में बड़ी चुनौतियां मौजूद हैं। आगामी वित्त वर्ष में 6.8 से 7.2 प्रतिशत की ग्रोथ का अनुमान लगाया गया है। घरेलू खपत और सार्वजनिक निवेश अर्थव्यवस्था की मजबूती के प्रमुख आधार बताए गए हैं, वहीं वैश्विक जोखिमों को लेकर सतर्कता की जरूरत भी जताई गई है।
संसद में बजट भाषण की शुरुआत करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार का लक्ष्य आकांक्षाओं को उपलब्धियों में बदलना है, ताकि विकास का लाभ हर वर्ग तक पहुंचे। उन्होंने बताया कि बीते वर्षों में संरचनात्मक सुधारों, वित्तीय अनुशासन और सार्वजनिक निवेश पर जोर देकर करीब 7 प्रतिशत की विकास दर हासिल की गई है। सरकार ने बयानबाज़ी की बजाय सुधारों को प्राथमिकता दी, जिससे वैश्विक संकटों के बावजूद आर्थिक स्थिरता बनी रही।
बजट 2026 में सरकार ने विकास को गति देने के लिए कई बड़े ऐलान किए हैं। इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 की शुरुआत, 10 हजार करोड़ रुपये का SME ग्रोथ फंड, बायो-फार्मा सेक्टर के लिए ‘बायो फार्मा शक्ति’ योजना और अगले पांच वर्षों में 10 हजार करोड़ रुपये का निवेश जैसे प्रस्ताव शामिल हैं। इसके साथ ही मैन्युफैक्चरिंग, इंफ्रास्ट्रक्चर, MSME, सिटी इकोनॉमिक रीजन और दीर्घकालिक आर्थिक सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर विशेष फोकस रखा गया है।
कुल मिलाकर, यह बजट ऐसे दौर में पेश किया जा रहा है जब देश के सामने विकास और वित्तीय संतुलन दोनों को साधने की चुनौती है। टैक्स स्लैब में बदलाव, रोजगार सृजन, ग्रामीण खर्च और इंफ्रास्ट्रक्चर पर बढ़े निवेश को लेकर सभी की निगाहें सरकार के फैसलों पर टिकी हैं। Budget 2026 के जरिए सरकार किस तरह विकसित भारत के लक्ष्य की ओर आगे बढ़ती है, इसका जवाब आने वाले समय में साफ होगा।
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