सऊदी से लेकर UAE तक…कौन है खाड़ी देशों में भारत का पक्का दोस्त?
खाड़ी देशों के साथ भारत के रिश्ते हमेशा से चर्चा का विषय रहे हैं। हाल ही में सऊदी अरब और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते के बाद यह सवाल और अहम हो गया है कि भारत के लिए खाड़ी देशों में सबसे भरोसेमंद और पक्का दोस्त कौन है। इस समझौते के तहत सऊदी अरब और पाकिस्तान ने तय किया है कि अगर किसी एक देश पर हमला हुआ तो उसे दोनों पर हमला माना जाएगा। हालांकि, पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने साफ किया कि परमाणु कवच सिर्फ पाकिस्तान के लिए है, सऊदी को इसमें शामिल नहीं किया जाएगा। इसके बावजूद इस डील ने भारत की रणनीतिक चिंताओं को बढ़ा दिया है और भारत-खाड़ी रिश्तों की मजबूती पर चर्चा तेज हो गई है।
भारत और खाड़ी देशों के रिश्ते सिर्फ कूटनीतिक स्तर तक सीमित नहीं हैं, बल्कि ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, ऊर्जा और व्यापारिक संबंधों की गहरी जड़ें भी हैं। खाड़ी देशों में सऊदी अरब, कतर, इराक, बहरीन, कुवैत, संयुक्त अरब अमीरात (UAE) और ओमान शामिल हैं। इनमें से हर देश भारत के लिए अलग-अलग तरीके से अहम भूमिका निभाता है। जहां सऊदी अरब भारत का परंपरागत सहयोगी है, वहीं UAE भारत का सबसे बड़ा अप्रवासी ठिकाना और व्यापारिक साझेदार माना जाता है।
सऊदी अरब की बात करें तो यह भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने वाला अहम देश है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सऊदी क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान के बीच हाल के वर्षों में हुई बैठकों ने दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती दी है। वर्तमान में करीब 26 लाख भारतीय सऊदी में रहते हैं, जो दोनों देशों के बीच पुल का काम करते हैं। दूसरी ओर, UAE को भारत का सबसे नजदीकी सहयोगी कहा जा सकता है। यहां 43 लाख भारतीय रहते हैं, जो देश की आबादी का लगभग 35% हिस्सा हैं। व्यापारिक स्तर पर भी UAE का योगदान बेहद बड़ा है। भारत और UAE के बीच व्यापार आने वाले वर्षों में 100 अरब डॉलर तक पहुंचने का अनुमान है।
इसके अलावा, कतर, कुवैत, बहरीन और ओमान जैसे देशों में भी बड़ी संख्या में भारतीय रहते हैं। ये भारतीय वहां की अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। उदाहरण के तौर पर कतर की 25% आबादी भारतीय है, कुवैत में 20% से ज्यादा, बहरीन में 30% और ओमान में करीब 20%। इराक में भारतीय कम संख्या में मौजूद हैं, लेकिन भारत को मिलने वाला 22% कच्चा तेल सिर्फ इराक से आता है, जो भारत की ऊर्जा सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है।
अगर कुल तस्वीर देखें तो खाड़ी देशों और भारत के रिश्तों की तीन प्रमुख नींव हैं – अप्रवासी भारतीय, रेमिटेंस और ऊर्जा-व्यापार। खाड़ी में करीब 89 लाख भारतीय रहते हैं और भारत को हर साल मिलने वाला 80 अरब डॉलर का विदेशी धन मुख्य रूप से इन्हीं देशों से आता है। वहीं, भारत की 60% तेल जरूरत खाड़ी देशों से पूरी होती है। इस मजबूत रिश्ते का दूसरा पहलू यह भी है कि खाड़ी देशों की खाद्य आवश्यकताओं का 85% हिस्सा भारत से आता है। यही वजह है कि यह रिश्ता परस्पर सहयोग पर आधारित है।
नतीजा साफ है कि भारत के लिए खाड़ी में सिर्फ एक पक्का दोस्त नहीं, बल्कि कई भरोसेमंद साझेदार हैं। फिर भी अगर प्राथमिकता के लिहाज से देखें तो UAE और सऊदी अरब सबसे आगे खड़े दिखाई देते हैं। UAE व्यापार, प्रवासी भारतीयों और रेमिटेंस के लिहाज से अहम है, जबकि सऊदी अरब ऊर्जा और राजनीतिक सहयोग का सबसे बड़ा स्तंभ है। यही दोनों देश भारत के लिए खाड़ी में सबसे पक्के और स्थायी दोस्त साबित होते हैं।
Share this content:
