“ट्रंप कायर, बुजदिल और डरपोक है, भारत 75% टैरिफ लगाए” – केजरीवाल की मोदी सरकार से अपील
नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने रविवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और केंद्र की मोदी सरकार पर तीखा हमला बोला। किसानों के हितों से जुड़े मुद्दे उठाते हुए केजरीवाल ने कहा कि अगर अमेरिका भारत पर 50% टैरिफ लगा रहा है तो भारत को भी अमेरिका पर 75% टैरिफ लगाना चाहिए। उन्होंने ट्रंप को “कायर, बुजदिल और डरपोक” करार दिया और मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि वह अमेरिकी दबाव में झुक रही है।
केजरीवाल ने कहा कि किसानों की कपास को बचाने के लिए तुरंत कड़े कदम उठाने होंगे। उन्होंने मांग की कि अमेरिकी कपास पर वापस 11% इंपोर्ट ड्यूटी लगाई जाए, भारतीय किसानों की कपास पर 2100 रुपये प्रति 20 किलो का MSP तय कर खरीदी की जाए और किसानों को खाद-बीज पर सब्सिडी दी जाए। उनका कहना था कि केंद्र सरकार की नीतियां भारतीय किसानों को आत्महत्या करने के लिए मजबूर कर रही हैं, जबकि अमेरिकी किसानों को फायदा पहुंचाया जा रहा है।
AAP नेता ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने 19 अगस्त को अमेरिकी कपास पर लगी 11% इंपोर्ट ड्यूटी हटाकर किसानों के साथ धोखा किया है। अब अमेरिकी कपास सस्ती दरों पर भारत में बिकेगी और भारतीय किसानों की कपास को खरीदार तक नहीं मिलेगा। उन्होंने कहा कि किसानों ने कर्ज लेकर खेती की थी, लेकिन अब जब वे अपनी फसल बेचने जाएंगे तो उन्हें सही दाम नहीं मिलेगा।
केजरीवाल ने इस पूरे मामले को उद्योगपति गौतम अडानी से भी जोड़ा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिका में अडानी के खिलाफ केस चल रहा है और कहा जा रहा है कि प्रधानमंत्री मोदी, अडानी को बचाने के लिए ट्रंप की “गुंडागर्दी” के आगे झुक रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस सौदे से न सिर्फ भारतीय किसानों की हालत खराब होगी बल्कि उन्हें आत्महत्या के लिए मजबूर होना पड़ेगा।
अपने हमले को और तेज करते हुए केजरीवाल ने कहा कि जब मोदी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब किसानों को 1500-1700 रुपये प्रति 20 किलो कपास का दाम मिला करता था। लेकिन अब प्रधानमंत्री बनने के बाद किसानों को 1200 रुपये भी नहीं मिल पा रहे हैं और जल्द ही यह कीमत 900 रुपये तक गिर जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि टेक्सटाइल इंडस्ट्री ने पहले ही अमेरिकी कपास का ऑर्डर दे दिया है, जिससे भारतीय किसानों की हालत और बदतर होगी।
इस तरह से केजरीवाल ने न केवल ट्रंप बल्कि मोदी सरकार को भी कठघरे में खड़ा किया और कहा कि अब समय है कि भारत अमेरिकी दबाव के आगे न झुके बल्कि अपने किसानों के हितों की रक्षा के लिए कड़ा रुख अपनाए।
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