मैं पुतिन से बहुत निराश हूं… यूक्रेन को लेकर बोले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे युद्ध पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि वह यूक्रेन संकट को सुलझाने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस परिणाम सामने नहीं आया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि अलास्का में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के साथ हुई बैठक के बावजूद शांति समझौते पर सहमति नहीं बन पाई, जिससे वह बेहद निराश हैं।
मंगलवार (2 सितंबर) को एक रेडियो शो को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने कहा कि वह पुतिन से काफी अच्छे संबंध रखते थे, लेकिन यूक्रेन में युद्ध को लेकर उनकी उम्मीदें टूट गईं। उन्होंने साफ कहा कि अलास्का बैठक के बाद भी जब कोई सकारात्मक प्रगति नहीं हुई तो यह निराशाजनक था। ट्रंप ने युद्ध में लगातार हो रही मौतों पर चिंता जताई और कहा कि अमेरिका जल्द ही इस दिशा में कदम उठाएगा ताकि निर्दोष लोगों की जान बचाई जा सके। हालांकि, उन्होंने इस संबंध में कोई विस्तृत योजना साझा नहीं की।
इसी बातचीत में ट्रंप ने रूस और चीन की बढ़ती दोस्ती पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि उन्हें इन संबंधों से कोई चिंता नहीं है। उनके अनुसार, अमेरिका के पास दुनिया की सबसे मजबूत सेना है और न तो रूस और न ही चीन कभी अमेरिका के खिलाफ अपनी सैन्य ताकत का इस्तेमाल करने की हिम्मत करेंगे। ट्रंप ने यह बयान ऐसे समय में दिया है जब चीन के तियानजिन में हुए शिखर सम्मेलन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने पुतिन और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मेजबानी की थी। जिनपिंग ने पुतिन को अपना पुराना दोस्त बताया था।
ट्रंप ने साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और रूस के ऊर्जा संबंधों की आलोचना भी की। उन्होंने कहा कि यह साझेदारी मौजूदा हालात में अमेरिका की रणनीति के लिए चुनौती बन सकती है। दूसरी ओर, पुतिन इन दिनों चीन के दौरे पर हैं और वहाँ सैन्य परेड सहित कई कार्यक्रमों में हिस्सा ले रहे हैं। यह कदम रूस-चीन संबंधों को और मजबूत बनाने की दिशा में देखा जा रहा है।
अगस्त में हुई अलास्का मुलाकात के बाद ट्रंप ने यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोदिमीर जेलेंस्की से भी मुलाकात की थी। उन्होंने नाटो और यूरोपीय नेताओं के साथ मिलकर युद्ध को रोकने की कोशिशों पर चर्चा की। ट्रंप ने उम्मीद जताई कि पुतिन और जेलेंस्की किसी भी त्रिपक्षीय बैठक से पहले आमने-सामने मिलेंगे। हालांकि, जेलेंस्की का आरोप है कि मास्को जानबूझकर ऐसी वार्ता में बाधा डाल रहा है, जबकि रूस का कहना है कि एजेंडा अभी तय नहीं हुआ है।
ट्रंप ने साफ किया कि अमेरिका किसी भी समझौते में यूक्रेन की सुरक्षा सुनिश्चित करने में मदद करेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि अगर शांति की दिशा में जल्द कोई प्रगति नहीं हुई तो रूस पर और कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। उनके इन बयानों ने संकेत दिया है कि वॉशिंगटन आने वाले समय में और कड़ा रुख अपना सकता है, जबकि खुद ट्रंप युद्ध समाप्त करने के लिए नए रास्ते तलाशते रहेंगे।
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