April 17, 2026

डोनाल्ड ट्रंप का भारत को झटका: टैरिफ विवाद के चलते व्यापार वार्ता से किया इनकार

अमेरिका और भारत के बीच चल रहे टैरिफ विवाद ने एक बार फिर तूल पकड़ लिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा परिस्थितियों में भारत के साथ व्यापार वार्ता को आगे नहीं बढ़ाया जाएगा। गुरुवार को वाइट हाउस में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में एएनआई के सवाल के जवाब में ट्रंप ने कहा कि जब तक टैरिफ मुद्दा हल नहीं होता, तब तक बातचीत आगे नहीं बढ़ेगी। ट्रंप के इस बयान से दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में और तल्खी आने की आशंका है।

भारत पर 50% टैरिफ लगाने की घोषणा के बाद बढ़ा तनाव
डोनाल्ड ट्रंप ने 30 जुलाई को भारत पर 25% टैरिफ लगाने की घोषणा की थी। उन्होंने इसके पीछे तर्क दिया था कि भारत रूस से बड़ी मात्रा में तेल और सैन्य उपकरण खरीद रहा है। इसके चलते 6 अगस्त को उन्होंने भारत पर 25% अतिरिक्त टैरिफ और थोप दिया, जिससे कुल टैरिफ 50% हो गया। यही नहीं, ट्रंप ने सेकेंडरी सैंक्शन लगाने की चेतावनी भी दी, जिससे भारत-अमेरिका व्यापार रिश्ते गंभीर तनाव में आ गए हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने दी सख्त प्रतिक्रिया, कहा- किसानों के हित सर्वोपरि
ट्रंप की कार्रवाई पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तीखी प्रतिक्रिया दी। दिल्ली में एक कार्यक्रम के दौरान पीएम मोदी ने कहा कि भारत अपने किसानों, मछुआरों और डेयरी उद्योग के हितों के साथ किसी तरह का समझौता नहीं करेगा। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसानों की रक्षा के लिए उन्हें कीमत चुकानी पड़ी, तो वह इसके लिए तैयार हैं। मोदी का यह बयान अमेरिका के दबाव के सामने झुकने से इनकार के तौर पर देखा जा रहा है।

शशि थरूर ने दी पलटवार की सलाह, कहा- अमेरिका पर भी लगाएं 50% टैरिफ
इस पूरे मसले पर कांग्रेस नेता शशि थरूर ने भी केंद्र सरकार को आक्रामक रुख अपनाने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि भारत को भी अमेरिका के निर्यात पर 50% टैरिफ लगा देना चाहिए। थरूर ने यह भी कहा कि भारत अमेरिका से 90 अरब डॉलर का व्यापार करता है, और अगर अमेरिका धमकाता है तो हमें भी उसे उसकी भाषा में जवाब देना चाहिए। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अमेरिका को भारत की अहमियत का अंदाजा नहीं है?

भारत के कृषि और डेयरी क्षेत्र को लेकर पहले से थी खींचतान
गौरतलब है कि अमेरिका भारत के कृषि और डेयरी बाजार में प्रवेश चाहता था, लेकिन भारत ने इसे लेकर हमेशा सख्त रुख अपनाया है। भारत ने शुरुआत से ही साफ कर दिया था कि वह इन दो क्षेत्रों में विदेशी हस्तक्षेप को स्वीकार नहीं करेगा। अब जब अमेरिका ने टैरिफ बढ़ा दिए हैं, तो साफ है कि भारत बिना किसी दबाव के अपने हितों की रक्षा करेगा।

डोनाल्ड ट्रंप के इस फैसले से साफ है कि अमेरिका व्यापार वार्ता में भारत पर दबाव बनाना चाहता है, लेकिन भारत ने भी यह संकेत दे दिया है कि वह झुकने वाला नहीं है। आने वाले दिनों में दोनों देशों के रिश्तों पर इस फैसले का व्यापक असर पड़ सकता है।

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