ट्रंप के टैरिफ बम से सोना-चांदी रिकॉर्ड ऊंचाई पर, निवेशकों में दिखी ‘सेफ हैवन’ की होड़
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा भारत पर 50 फीसदी तक टैरिफ लगाने की बात कहने के बाद वैश्विक बाजारों में चिंता का माहौल है। इस बयान का असर भारतीय कमोडिटी बाजार में भी साफ देखा गया, जहां निवेशकों का रुझान एक बार फिर सुरक्षित संपत्तियों की ओर मुड़ गया। गोल्ड और सिल्वर की कीमतों में जबरदस्त तेजी आई है और दोनों धातुएं अपने रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गई हैं।
बीते एक हफ्ते में सोने की कीमतों में ₹2,770 प्रति 10 ग्राम की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। 31 जुलाई को जहां सोना ₹98,769 प्रति 10 ग्राम के स्तर पर था, वहीं 7 अगस्त तक यह बढ़कर ₹1,01,539 प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। एक ही दिन में सोने की कीमत ₹262 उछली है। अगस्त महीने की शुरुआत से अब तक सोने ने करीब 2.80% का रिटर्न दिया है, जो मौजूदा आर्थिक माहौल में निवेशकों के लिए बड़ी बात है।
वहीं चांदी की कीमतों में भी इसी दौरान जबरदस्त उछाल देखा गया। 31 जुलाई को चांदी का भाव ₹1,09,972 प्रति किलोग्राम था, जो 7 अगस्त को ₹1,14,525 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गया। यानी सिर्फ एक हफ्ते में चांदी ₹4,553 महंगी हुई है। अगस्त महीने में अब तक सिल्वर ने कुल 4.14% का रिटर्न दिया है, जिससे यह भी निवेशकों के लिए आकर्षक विकल्प बनती जा रही है।
विशेषज्ञों के मुताबिक ट्रंप का यह बयान वैश्विक ट्रेड में तनाव को और बढ़ा सकता है, जिससे आर्थिक अनिश्चितता पैदा होगी। ऐसे समय में सोना और चांदी हमेशा से ‘सेफ हैवन’ माने जाते रहे हैं। निवेशक जब इक्विटी या करेंसी मार्केट में जोखिम महसूस करते हैं, तो गोल्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों में पैसा लगाते हैं। यही कारण है कि टैरिफ की आशंका के बाद गोल्ड और सिल्वर दोनों की डिमांड तेज़ी से बढ़ी है।
आगे भी अगर वैश्विक स्तर पर तनाव या डॉलर में कमजोरी जारी रही, तो सोने-चांदी की कीमतें और चढ़ सकती हैं। हालांकि निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाज़ी में भारी निवेश न करें, बल्कि धीरे-धीरे और संतुलित रणनीति के तहत सोने में निवेश करें। खासकर Sovereign Gold Bonds या Gold ETFs जैसे विकल्प, जहां टैक्स बेनिफिट और सुरक्षा दोनों मिलते हैं, बेहतर साबित हो सकते हैं।
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