ट्रंप के नए टैरिफ से स्टील कंपनियों में हलचल, जानिए भारत पर क्या होगा असर
नई दिल्ली: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 60 देशों पर लगाए गए रेसिप्रोकल टैरिफ ने वैश्विक व्यापार जगत में हलचल मचा दी है। भारत पर 26% टैरिफ लगाए जाने के बाद देश की स्टील कंपनियां इसके संभावित प्रभावों का आकलन करने में जुट गई हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि इस कदम से वैश्विक व्यापार प्रवाह प्रभावित हो सकता है और भारत जैसे वैकल्पिक बाजारों पर दबाव बढ़ सकता है।
कंपनियों की सतर्क प्रतिक्रिया
घरेलू स्टील कंपनियों का कहना है कि इस घटनाक्रम पर फिलहाल कोई ठोस प्रतिक्रिया देना जल्दबाज़ी होगी। टाटा स्टील के एक अधिकारी ने बताया कि कंपनी इस फैसले का विश्लेषण कर रही है और स्थिति की पूरी समझ के बाद ही कोई प्रतिक्रिया देगी। जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड (JSPL) भी अमेरिकी टैरिफ नीति पर नज़र बनाए हुए है और जल्द ही अपनी रणनीति स्पष्ट करेगी।
भारत से जारी रहेगा स्टील निर्यात
स्टील अथॉरिटी ऑफ इंडिया लिमिटेड (सेल) के चेयरमैन अमरेंदु प्रकाश ने आश्वस्त किया कि भारत से अमेरिका को स्टील निर्यात में कोई बड़ी बाधा नहीं आएगी। उन्होंने कहा, “स्टील उत्पादन क्षमताएं रातों-रात नहीं बनतीं, इसलिए अमेरिका उन वस्तुओं का आयात जारी रखेगा जिनका वह स्वयं उत्पादन नहीं करता।”
डंपिंग की आशंका बढ़ी
हालांकि, उद्योग विशेषज्ञ हृदय मोहन ने चेतावनी दी है कि यूरोपीय संघ से अमेरिका को स्टील निर्यात कम होने के कारण भारत को चीन, दक्षिण कोरिया और जापान से सस्ते स्टील की डंपिंग का सामना करना पड़ सकता है। इससे घरेलू बाजार में प्रतिस्पर्धा तेज होने की संभावना है।
निष्कर्ष:
अमेरिका की इस नई टैरिफ नीति ने भले ही तत्काल प्रभाव न डाला हो, लेकिन भारतीय स्टील उद्योग के लिए यह एक निर्णायक समय साबित हो सकता है। कंपनियों को अपने रणनीतिक फैसले सोच-समझकर लेने होंगे ताकि वैश्विक बाजार में प्रतिस्पर्धा में बने रहें।
Share this content:
