अमेरिका: डोपिंग फंडिंग विवाद के बीच डोनाल्ड ट्रंप सरकार पर बैन की चर्चा, FIFA वर्ल्ड कप और 2028 ओलंपिक पर उठे सवाल
अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति Donald Trump और उनकी सरकार एक नए विवाद के केंद्र में आ गए हैं। हाल ही में सामने आई एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि वर्ल्ड एंटी डोपिंग एजेंसी यानी World Anti-Doping Agency (WADA) अमेरिकी सरकार पर बैन लगाने के विकल्प पर विचार कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो इसका असर अमेरिका में होने वाले बड़े खेल आयोजनों पर भी पड़ सकता है, जिनमें 2026 FIFA World Cup और 2028 Summer Olympics जैसे वैश्विक टूर्नामेंट शामिल हैं। हालांकि बाद में WADA ने इस तरह की संभावनाओं से इनकार भी किया है, लेकिन इस खबर ने खेल जगत और राजनीति दोनों में हलचल पैदा कर दी है।
रिपोर्ट के अनुसार यह विवाद सीधे तौर पर किसी युद्ध या अंतरराष्ट्रीय राजनीतिक संघर्ष से नहीं जुड़ा है, बल्कि इसका संबंध एंटी-डोपिंग फंडिंग से है। बताया गया है कि अमेरिका को वर्ष 2024 में WADA को करीब 3.6 मिलियन डॉलर का फंड देना था, लेकिन चीन के तैराकों से जुड़े डोपिंग मामले पर उठे विवाद के बाद अमेरिकी सरकार ने यह भुगतान रोक दिया। इसी कारण से WADA के भीतर इस मुद्दे पर चर्चा शुरू हुई और यह सवाल उठने लगा कि अगर कोई देश संगठन को तय फंड नहीं देता है तो उसके खिलाफ क्या कार्रवाई हो सकती है।
रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि 17 मार्च को WADA की एग्जीक्यूटिव कमेटी की बैठक में इस मुद्दे को एजेंडा में शामिल किया गया है। अगर भविष्य में ऐसा कोई नियम लागू होता है और अमेरिका फंड जारी नहीं करता है, तो अमेरिकी सरकार के अधिकारियों की कुछ अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजनों में भागीदारी पर प्रतिबंध लग सकता है। इससे अमेरिका में होने वाले आगामी खेल आयोजनों की तैयारियों को लेकर भी सवाल खड़े हो सकते हैं, क्योंकि 2026 का फुटबॉल वर्ल्ड कप अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको की संयुक्त मेजबानी में आयोजित होना है, जबकि 2028 ओलंपिक लॉस एंजेलिस में होने हैं।
हालांकि, इस पूरे मामले पर WADA ने आधिकारिक बयान जारी कर इन दावों को खारिज कर दिया है। एजेंसी ने स्पष्ट किया कि अलग-अलग देशों द्वारा फंड रोकने के मुद्दे को सुलझाने की प्रक्रिया कई वर्षों से चल रही है और फिलहाल ऐसा कोई फैसला नहीं लिया गया है जिससे किसी सरकार या देश को बड़े खेल आयोजनों से बाहर किया जाए। WADA ने यह भी कहा कि अगर भविष्य में कोई नया नियम बनाया भी जाता है, तो वह पहले से तय अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं पर लागू नहीं होगा।
दरअसल इस विवाद की जड़ 2021 के टोक्यो ओलंपिक से जुड़ी है, जब चीन के 23 तैराक डोप टेस्ट में पॉजिटिव पाए गए थे, लेकिन बाद में उन्हें प्रतियोगिता में भाग लेने की अनुमति दे दी गई थी। चीन ने दावा किया था कि यह मामला जानबूझकर डोपिंग का नहीं बल्कि भोजन में हुई गड़बड़ी का परिणाम था और WADA ने उस स्पष्टीकरण को स्वीकार कर लिया था। बाद में जब इस मामले का खुलासा हुआ तो अमेरिका में इस पर कड़ी प्रतिक्रिया हुई और उसी के बाद से WADA की फंडिंग को लेकर विवाद लगातार जारी है।
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