April 20, 2026

पाकिस्तान-अफगानिस्तान तोरखम सीमा एक महीने बाद फिर से खुली, व्यापार को मिली राहत!

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच एक महत्वपूर्ण सीमा, तोरखम, बुधवार को लगभग एक महीने के बाद फिर से खोल दी गई। यह कदम सीमा पर हाल ही में हुए विवाद और अफगान सरकार द्वारा एक नई सीमा चौकी के निर्माण के कारण पाकिस्तान द्वारा इस सीमा को बंद करने के फैसले के बाद उठाया गया था। 21 फरवरी से दोनों देशों के बीच तोरखम सीमा पर आवाजाही पूरी तरह से रुक गई थी, जिसके बाद दोनों देशों के व्यापार और आर्थिक गतिविधियों पर गहरा असर पड़ा था।

ताजा जानकारी के अनुसार, सीमा को मालवाहक वाहनों के लिए फिर से खोला गया है। यह निर्णय दोनों देशों के जिरगा (परंपरागत बातचीत के माध्यम से) के सदस्यों के बीच हुई वार्ता के बाद लिया गया। अफगानिस्तान के नंगरहार प्रांत को पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा से जोड़ने वाली तोरखम सीमा पर दोनों पक्षों के जिरगा सदस्यों ने बुधवार को एक बैठक में इस फैसले पर सहमति जताई।

पैदल यात्रियों और मरीजों के लिए कब खुलेगा तोरखम?

पाकिस्तान के जिरगा प्रमुख, सैयद जवाद हुसैन काजमी ने जानकारी दी कि सीमा को मालवाहन के लिए खोल दिया गया है, जबकि पैदल यात्रियों और मरीजों के लिए इसे शुक्रवार तक खोलने की योजना है। इसके अलावा, पाकिस्तानी सीमा शुल्क ढांचे को अफगानिस्तान की ओर से हुई गोलीबारी में नुकसान पहुँचने के बाद मरम्मत की प्रक्रिया जारी है, जिसे जल्दी ही पूरा कर लिया जाएगा।

तोरखम सीमा का व्यापारिक महत्व

तोरखम सीमा दोनों देशों के लिए आर्थिक दृष्टिकोण से अत्यधिक महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह सीमा पार होने वाला प्रमुख व्यापार मार्ग है और पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच परिवहन, शिपिंग और प्राप्ति का एक केंद्रीय स्थल है। हालांकि, कई बार दोनों देशों के बीच तोरखम क्रॉसिंग को लेकर संघर्ष हो चुका है, जिसमें कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। तोरखम सीमा के बंद होने से पाकिस्तान को आर्थिक नुकसान हुआ है, जिसमें करोड़ों रुपये की हानि शामिल है।

सीमा पर बढ़ते तनाव और सुरक्षा चुनौतियां

पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत में सुरक्षा स्थिति हमेशा से नाजुक रही है। यहां की अशांत स्थिति और बढ़ती आतंकी गतिविधियों ने सीमा को और भी संवेदनशील बना दिया है। ऐसे में, तोरखम सीमा का फिर से खुलना दोनों देशों के लिए एक राहत की खबर है, क्योंकि इस सीमा के बंद होने से न केवल व्यापारिक गतिविधियाँ प्रभावित हुईं, बल्कि दोनों देशों के नागरिकों को भी मुश्किलों का सामना करना पड़ा।

यह सीमा, जो पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच सबसे व्यस्त व्यापार मार्ग है, अब फिर से दोनों देशों के बीच आर्थिक गतिविधियों को पटरी पर लाने की उम्मीद जगा रही है। हालांकि, दोनों देशों के बीच जारी संघर्ष और तनाव को देखते हुए इस सीमा पर सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की आवश्यकता बनी रहेगी।

अब तोरखम सीमा खुलने से, विशेष रूप से व्यापारियों और आम नागरिकों को राहत मिलेगी, लेकिन सीमा पर शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए दोनों देशों को लंबी अवधि तक आपसी समझ और सहयोग की आवश्यकता होगी।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!