April 20, 2026

जॉन अब्राहम की ‘द डिप्लोमैट’ पर मिडिल ईस्ट में बैन, बॉक्स ऑफिस पर धीमा प्रदर्शन

जॉन अब्राहम की हाल ही में रिलीज़ हुई फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ ने समीक्षकों से सकारात्मक रिव्यूज़ तो प्राप्त किए, लेकिन सिनेमाघरों में इसे वह सफलता नहीं मिल पाई जिसकी उम्मीद की जा रही थी। बॉक्स ऑफिस पर फिल्म ने अपेक्षाकृत कम प्रदर्शन किया है, और अब फिल्म को लेकर मिडिल ईस्ट से भी बुरी खबर आई है। जॉन अब्राहम की इस फिल्म पर मिडिल ईस्ट के कई देशों ने बैन लगा दिया है, जिससे फिल्म के वैश्विक प्रदर्शन पर भी असर पड़ सकता है।

‘द डिप्लोमैट’ पर मिडिल ईस्ट में बैन

‘द डिप्लोमैट’ को संयुक्त अरब अमीरात (UAE), सऊदी अरब, ओमान और कतर जैसे मिडिल ईस्ट देशों में रिलीज नहीं किया गया है। इन देशों में फिल्म पर बैन क्यों लगाया गया, इस बारे में अब तक कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है, लेकिन माना जा रहा है कि फिल्म की राजनैतिक और संवेदनशील थीम के कारण इस पर प्रतिबंध लगाया गया है। सूत्रों के अनुसार, फिल्म के कंटेंट को लेकर इन देशों में आपत्ति जताई गई है, जो संभवतः फिल्म की राजनैतिक दृष्टिकोण से संबंधित हो सकती है।

यहां तक कि इससे पहले सलमान खान की फिल्म ‘टाइगर 3’ और अक्षय कुमार और जॉन अब्राहम की ‘स्काई फोर्स’ को भी मिडिल ईस्ट के कई देशों में बैन किया गया था। ‘द डिप्लोमैट’ अब उन चुनिंदा भारतीय फिल्मों की सूची में शामिल हो गई है, जिन्हें मिडिल ईस्ट के देशों में प्रतिबंध झेलना पड़ा है।

बॉक्स ऑफिस पर पड़ा असर

जबकि ‘द डिप्लोमैट’ ने भारतीय बॉक्स ऑफिस पर 16.20 करोड़ रुपये की कमाई की है, मिडिल ईस्ट में बैन होने से फिल्म के कुल रेवेन्यू पर बड़ा असर पड़ सकता है। मिडिल ईस्ट में बॉलीवुड फिल्मों को एक बड़ी ऑडियंस मिलती है, और यहां की कमाई से फिल्म के वैश्विक कलेक्शन को एक महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलता है। ऐसे में इन देशों में फिल्म का बैन होना मेकर्स के लिए एक बड़ा झटका हो सकता है।

फिल्म के मेकर्स और जॉन अब्राहम ने अब तक इस बैन पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है, लेकिन जॉन ने अपनी फिल्मों के प्रमोशनल इवेंट्स में यह स्पष्ट किया है कि ‘द डिप्लोमैट’ में किसी भी देश को नकारात्मक तरीके से पेश नहीं किया गया है। जॉन के मुताबिक, फिल्म सिर्फ एक व्यक्ति की कहानी है और इसमें किसी भी देश को विलेन की भूमिका में नहीं दिखाया गया है।

फिल्म की कहानी और निर्देशन

‘द डिप्लोमैट’ का निर्देशन शिवम नायर ने किया है, और इसकी पटकथा रितेश शाह ने लिखी है। यह फिल्म एक भारतीय लड़की उजमा अहमद की कहानी पर आधारित है, जो पाकिस्तान में फंस जाती है और उसे भारत वापस लाने के प्रयासों को दर्शाती है। फिल्म में जॉन अब्राहम ने जेपी सिंह का किरदार निभाया है, जो उस समय पाकिस्तान में भारत के राजनयिक के रूप में सेवा दे रहे थे। फिल्म की कहानी पाकिस्तान और भारत के बीच की राजनीतिक संवेदनाओं को ध्यान में रखते हुए बुनी गई है, और इसमें एक व्यक्ति की संघर्षपूर्ण यात्रा को दर्शाया गया है।

फिल्म का भविष्य

फिल्म के बॉक्स ऑफिस कलेक्शन पर मिडिल ईस्ट के बैन का असर पड़ सकता है, लेकिन भारत और अन्य देशों में फिल्म को लेकर अभी भी कुछ उम्मीदें बनी हुई हैं। जॉन अब्राहम की फिल्म ‘द डिप्लोमैट’ को लेकर फैंस में जबरदस्त उत्साह था, लेकिन अब इसे मिडिल ईस्ट में बैन होने के कारण अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन करने में मुश्किल हो सकती है। देखना होगा कि यह फिल्म बाकी देशों में कितनी सफल होती है और क्या इसे घरेलू बॉक्स ऑफिस पर सफलता मिलती है।

‘द डिप्लोमैट’ की इस असफलता से जॉन अब्राहम के लिए एक सबक हो सकता है, कि उनकी फिल्मों को सिर्फ एक बड़े दर्शक वर्ग से ही नहीं, बल्कि विभिन्न संस्कृतियों और देशों के सेंसिबिलिटी को भी ध्यान में रखते हुए बनाया जाए।

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