April 19, 2026

टैरिफ वॉर के बीच ट्रंप को चीन का झटका, बोइंग खरीदने से इनकार के बाद भारत को मिल सकता है बड़ा फायदा

अमेरिका और चीन के बीच जारी टैरिफ वॉर का असर अब एयरलाइन उद्योग पर भी साफ दिखने लगा है। चीन ने अमेरिकी विमान निर्माता कंपनी बोइंग से जेट विमान खरीदने से इनकार कर दिया है, जिससे ट्रंप प्रशासन को बड़ा झटका लग सकता है। लेकिन इसी टकराव के बीच भारत को एक नया अवसर मिल सकता है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, टाटा समूह के स्वामित्व वाली एयर इंडिया लिमिटेड बोइंग के विमान खरीदने की योजना बना रही है। एयर इंडिया को फिलहाल अपने बेड़े में नए विमानों की जरूरत है, और कंपनी इस दिशा में जल्दी ही बोइंग से संपर्क कर सकती है। दिलचस्प बात यह है कि ये वही विमान हैं जिन्हें बोइंग ने चीन की एयरलाइंस के लिए तैयार किया था, लेकिन मौजूदा हालात के चलते डिलीवरी अटक गई है।

टैरिफ वॉर की पृष्ठभूमि में अमेरिका ने चीन पर 125 प्रतिशत तक का टैरिफ लगा दिया है, जिससे चीन ने जवाबी कार्रवाई करते हुए बोइंग विमान खरीदने से मना कर दिया। इससे पहले बोइंग के 10 विमान चीन को डिलीवर किए जाने थे, जो अब स्टॉक में रह गए हैं। इस स्थिति में भारत और मलेशिया जैसे देश अमेरिका को बड़ा सहारा दे सकते हैं। मलेशिया ने भी बोइंग विमानों में रुचि दिखाई है, जिससे अमेरिका को संभावित नुकसान से राहत मिल सकती है।

बोइंग विमानों की कीमतें उनके मॉडल और सुविधाओं पर निर्भर करती हैं। उदाहरण के लिए, बोइंग 737 मैक्स की कीमत लगभग 900 से 1100 करोड़ रुपये तक हो सकती है, जो छोटी दूरी की उड़ानों के लिए उपयुक्त होता है। वहीं बोइंग 777 जैसे बड़े विमान की कीमत 2500 करोड़ से 3500 करोड़ रुपये के बीच होती है और इसमें 300 से 400 यात्री सवार हो सकते हैं। अगर भारत इन तैयार विमानों को खरीदता है, तो उसे न सिर्फ तुरंत डिलीवरी मिल सकती है, बल्कि एक आकर्षक डील का लाभ भी मिल सकता है। यह सौदा भारत के एविएशन सेक्टर के लिए बड़ा गेमचेंजर साबित हो सकता है

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