ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच अमेरिका में बजेगा मेड इन इंडिया का डंका

अमेरिका में ट्रंप प्रशासन द्वारा लगाए गए टैरिफ के बीच ‘मेड इन इंडिया’ का प्रभाव तेजी से बढ़ता दिख रहा है। एप्पल के सीईओ टिम कुक ने गुरुवार को कहा कि उन्हें उम्मीद है अमेरिका में बिकने वाले ज्यादातर आईफोन अब भारत में बनाए जाएंगे। भले ही चीन अभी भी आईफोन शिपमेंट का बड़ा स्रोत है, लेकिन टैरिफ वॉर के चलते भारत में उत्पादन का दायरा काफी बढ़ गया है। टिम कुक के मुताबिक, मौजूदा टैरिफ के कारण एप्पल को इस तिमाही में करीब 90 करोड़ डॉलर का नुकसान होने की आशंका है। उन्होंने यह भी जोड़ा कि तिमाही खत्म होने तक अगर और टैरिफ लागू हुए, तो नुकसान का आकलन बदल सकता है।

भारत में एप्पल की उत्पादन क्षमता तेजी से बढ़ रही है। पिछले साल कंपनी ने भारत में 22 अरब डॉलर के आईफोन असेंबल किए, जो इससे पिछले साल की तुलना में 60 प्रतिशत ज्यादा है। यह बदलाव एप्पल की चीन से हटकर भारत को एक वैकल्पिक निर्माण केंद्र के रूप में विकसित करने की रणनीति का हिस्सा है। पहले स्मार्टफोन और कंप्यूटर जैसे उत्पादों को टैरिफ से अस्थायी छूट मिली हुई थी, लेकिन अब यह छूट समाप्त हो गई है, जिससे भारत में निर्माण को और प्रोत्साहन मिल रहा है।

भारत के स्मार्टफोन बाजार में फिलहाल एप्पल की हिस्सेदारी लगभग 8 प्रतिशत है, लेकिन कंपनी की बिक्री में जबरदस्त इजाफा देखा गया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2024 में एप्पल के उत्पादों की बिक्री (ज्यादातर आईफोन) करीब 8 अरब डॉलर तक पहुंच चुकी है। यह ट्रंप के टैरिफ वॉर के बीच भारत के लिए एक बड़ा अवसर बनकर सामने आ रहा है, जिससे भारत वैश्विक सप्लाई चेन में और मजबूत भूमिका निभा सकता है।

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