April 17, 2026

भारतीय सेना के टी-90 टैंक को मिला 1350 HP इंजन, बख्तरबंद ताकत में वृद्धि

भारतीय सेना की बख्तरबंद ताकत को और मजबूत बनाने के लिए रक्षा अधिग्रहण परिषद (DAC) ने 54,000 करोड़ रुपये से ज्यादा के रक्षा खरीद प्रस्तावों को मंजूरी दी है। इनमें सबसे महत्वपूर्ण कदम टी-90 टैंकों के लिए नए 1350 हॉर्सपावर (HP) इंजन की स्वीकृति है, जो भारतीय सेना के आर्मर्ड कोर की ताकत को बढ़ाने में मदद करेगा।

टी-90 टैंक को मिलेगा नया दमदार इंजन

टी-90 टैंक भारतीय सेना का एक अहम हिस्सा हैं और इसे 2001 में पहली बार भारतीय सेना में शामिल किया गया था। वर्तमान में भारतीय सेना के पास 1,200 से ज्यादा टी-90 टैंक हैं, जिनमें V-92S2 इंजन लगाया गया है, जो 1000 HP की पावर देता है। लेकिन अब भारतीय सेना को 1350 HP का नया इंजन मिलेगा, जिससे इन टैंकों की गति, ताकत और सहनशक्ति में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

नया इंजन सेना के लिए गेम-चेंजर

1350 HP इंजन के साथ टी-90 टैंक अब तेज़, शक्तिशाली और अधिक सक्षम बनेंगे। यह इंजन भारतीय सेना के लिए खासतौर पर रेगिस्तान, पहाड़ों और ऊबड़-खाबड़ इलाकों में ऑपरेशन के दौरान उपयोगी साबित होगा। नए इंजन से टैंक की गति और युद्धक्षेत्र में गति नियंत्रण क्षमता में इजाफा होगा। इसके अलावा, यह इंजन ज्यादा वजन सहन करने में सक्षम होगा, जिससे टैंक पर सुरक्षा कवच, एडवांस सेंसर और नए हथियार सिस्टम लगाए जा सकेंगे।

बेहतर ईंधन दक्षता और लंबी दूरी

1350 HP का इंजन पुराने इंजन की तुलना में बेहतर ईंधन दक्षता प्रदान करेगा, जिससे टैंक अधिक दूरी तय कर सकेंगे। इससे भारतीय सेना के लंबे अभियानों में ईंधन की खपत कम होगी और सप्लाई लॉजिस्टिक्स भी आसान हो जाएगा। खासकर राजस्थान के गर्म रेगिस्तान और लद्दाख के बर्फीले इलाकों में ऑपरेशन करने के लिए यह इंजन और अधिक विश्वसनीय साबित होगा।

आत्मनिर्भर भारत का एक और कदम

रक्षा मंत्रालय ने इस इंजन अपग्रेडेशन का फैसला आत्मनिर्भर भारत अभियान के तहत लिया है, जिसके तहत DRDO और भारतीय कंपनियां मिलकर इस इंजन का उत्पादन करेंगी। यह कदम स्वदेशी रक्षा उत्पादन को बढ़ावा देने और भारत को टैंक इंजन निर्माण में आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

भारतीय सेना की बख्तरबंद ताकत को मिलेगा नया आयाम

टी-90 टैंक, रूस द्वारा विकसित किए गए थे, और भारतीय परिस्थितियों के अनुरूप अनुकूलित किए गए हैं। अब 1350 HP इंजन के साथ ये टैंक और भी शक्तिशाली हो जाएंगे, जिससे भारतीय सेना को पाकिस्तान और चीन जैसे प्रमुख प्रतिद्वंद्वियों के टैंकों से मुकाबला करने में मदद मिलेगी।

हालांकि, चीन के टाइप-99A टैंक की तुलना में भारतीय टी-90 टैंक का इंजन पावर कम है, फिर भी 1350 HP इंजन से यह भारतीय टैंक कहीं अधिक प्रभावी और प्रतिस्पर्धी बनेंगे। भारतीय सेना के लिए यह इंजन अपग्रेड एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है। नए इंजन के साथ, भारतीय टी-90 टैंक युद्धक्षेत्र में ज्यादा प्रभावी होंगे, और कठिन इलाकों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।

भविष्य के युद्ध में अहम भूमिका

अब टी-90 टैंक की 1350 HP इंजन के साथ, भारतीय सेना को यह संभावना है कि वह और भी तेज़, मजबूत और क्षमता से भरपूर बख्तरबंद बल के रूप में उभरेगी। इससे भारतीय सेना को ना सिर्फ अपनी मौजूदा ताकत को बेहतर बनाने का मौका मिलेगा, बल्कि यह एक रणनीतिक लाभ भी साबित होगा, जो भविष्य के युद्धों में निर्णायक भूमिका निभा सकता है।

Share this content:

About The Author

error: Content is protected !!