भारत और साउथ अफ्रीका के बीच 14 नवंबर से शुरू होने जा रही टेस्ट सीरीज टीम इंडिया और उसके युवा कप्तान शुभमन गिल दोनों के लिए बेहद अहम साबित हो सकती है। इस दो मैचों की सीरीज में जहां टीम इंडिया वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप की पॉइंट्स टेबल में टॉप-2 में जगह बनाने के इरादे से उतरेगी, वहीं शुभमन गिल के पास इतिहास रचने का मौका होगा। दरअसल, गिल सिर्फ 272 रन बनाकर विराट कोहली और सचिन तेंदुलकर के उस खास क्लब में शामिल हो सकते हैं, जिसमें अब तक सिर्फ तीन भारतीय बल्लेबाजों को जगह मिली है।
गिल के लिए साल 2025 अब तक शानदार रहा है। वह इस कैलेंडर ईयर में 2000 इंटरनेशनल रन पूरे करने से बस कुछ कदम दूर हैं। सबसे दिलचस्प बात यह है कि इस साल शुभमन एक बार भी ‘डक’ यानी शून्य पर आउट नहीं हुए हैं। अगर साउथ अफ्रीका के खिलाफ दोनों टेस्ट में भी वे बिना शून्य पर आउट हुए खेलते हुए 2000 रन पूरे कर लेते हैं, तो वह भारतीय क्रिकेट इतिहास में चौथे खिलाड़ी बन जाएंगे जिन्होंने एक साल में बिना डक हुए 2000 इंटरनेशनल रन बनाए हैं।
भारतीय क्रिकेट में यह कारनामा अब तक सिर्फ विराट कोहली, सचिन तेंदुलकर और राहुल द्रविड़ कर चुके हैं। विराट ने साल 2016 में बिना शून्य पर आउट हुए 2595 रन बनाए थे, जो अब तक का भारतीय रिकॉर्ड है। वहीं सचिन ने 1998 में 2541 रन और द्रविड़ ने 2002 में 2270 रन बनाए थे। गिल अगर यह आंकड़ा पार कर लेते हैं, तो वे इस महान तिकड़ी की सूची में चौथे नाम के तौर पर दर्ज होंगे।
आंकड़ों की बात करें तो शुभमन गिल ने 2025 में अब तक टेस्ट क्रिकेट में सबसे अधिक रन बनाए हैं। उन्होंने 8 टेस्ट मैचों की 15 पारियों में 69.92 की औसत से 979 रन बनाए हैं, जिसमें 5 शतक और 1 अर्धशतक शामिल है। उनकी सबसे बड़ी पारी 269 रनों की रही है। वनडे में उन्होंने 11 मैचों में 490 रन बनाए हैं, जबकि टी20 में 12 पारियों में 259 रन उनके नाम हैं।
टीम इंडिया के युवा कप्तान के रूप में शुभमन गिल के लिए यह सीरीज सिर्फ व्यक्तिगत उपलब्धि का मौका नहीं बल्कि नेतृत्व क्षमता साबित करने की परीक्षा भी होगी। अगर वह इस ऐतिहासिक क्लब में शामिल होते हैं, तो यह उनके करियर का एक नया मील का पत्थर होगा और भारतीय क्रिकेट को एक और ‘मॉडर्न मास्टर’ मिलने की पुष्टि भी।
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