दूसरों से मांगकर खाया खाना, शुभमन गिल से मिलते ही बदली किस्मत, इंग्लैंड में 9 विकेट लेकर छाईं क्रांति गौड़
भारतीय महिला क्रिकेट टीम की तेज गेंदबाज क्रांति गौड़ ने इंग्लैंड दौरे पर अपनी गेंदबाजी से सबका ध्यान खींच लिया है। 21 साल की क्रांति ने हाल ही में खत्म हुई वनडे सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार प्रदर्शन करते हुए 9 विकेट झटके और सीरीज की सबसे सफल गेंदबाज बन गईं। उनके इस प्रदर्शन से भारत ने तीन मैचों की वनडे सीरीज 2-1 से अपने नाम की।
क्रांति गौड़ का क्रिकेट सफर जितना प्रेरणादायक है, उतना ही संघर्ष भरा भी रहा है। एक वक्त ऐसा था जब उनके परिवार को दो वक्त की रोटी जुटाने के लिए भी जूझना पड़ा। बीसीसीआई द्वारा जारी इंटरव्यू में क्रांति ने बताया कि उन्हें कभी-कभी दूसरों से मांगकर खाना पड़ता था। उनके पिता की नौकरी चली गई थी और भाई का काम भी ठप था। ऐसे में मां के गहने बेचकर घर का खर्च चलाना पड़ा।
इस मुश्किल सफर के बीच शुभमन गिल से हुई एक मुलाकात ने उनके जीवन की दिशा बदल दी। गिल से मिले मोटिवेशन और मार्गदर्शन के बाद क्रांति ने अपनी मेहनत और फिटनेस पर फोकस बढ़ाया और खुद को टीम इंडिया के लायक साबित किया। उन्होंने बताया कि जब उन्होंने पहली बार भारतीय जर्सी पहनी, तो आंखों में आंसू थे, क्योंकि ये सपना उन्होंने बहुत संघर्ष के बाद पूरा किया था।
क्रांति की सफलता आज लाखों लड़कियों के लिए प्रेरणा बन चुकी है, जो कठिन हालातों में भी हार नहीं मानतीं। इंग्लैंड की जमीन पर 9 विकेट झटकने वाली इस युवा तेज गेंदबाज ने साबित कर दिया कि अगर हौसले बुलंद हों, तो कोई मंजिल दूर नहीं होती।
अब क्रिकेट जगत को उनसे और भी बड़े प्रदर्शन की उम्मीदें हैं, क्योंकि क्रांति अब सिर्फ एक खिलाड़ी नहीं, बल्कि एक कहानी बन चुकी हैं – संघर्ष से सफलता तक की।
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