सीरीज के पहले टेस्ट में भारत ने टॉस हारने के बाद शानदार गेंदबाज़ी की। बुमराह और कुलदीप की जोड़ी ने दक्षिण अफ्रीका के टॉप ऑर्डर को तहस-नहस कर दिया।
ईडन गार्डन्स पर छह साल बाद लौटे टेस्ट क्रिकेट ने पहले ही दिन रोमांच का स्तर चरम पर पहुंचा दिया है। फ्रीडम ट्रॉफी 2025 के पहले टेस्ट में भारत ने भले ही टॉस गंवाया हो, लेकिन जसप्रीत बुमराह और कुलदीप यादव की दमदार गेंदबाज़ी ने साउथ अफ्रीका की शुरुआत बिगाड़कर मैच पर भारतीय पकड़ मजबूत कर दी। 40 ओवर के खेल में अफ्रीकी टीम 136/5 पर सिमट चुकी है और भारतीय गेंदबाज़ लगातार दबाव बनाए हुए हैं।
साउथ अफ्रीका ने एडन मार्करम और रयान रिकल्टन के साथ steady शुरुआत की थी। पहले 10 ओवर में ही टीम ने 50 रन ठोककर संकेत दे दिया था कि वे आक्रामक मूड में हैं। लेकिन जसप्रीत बुमराह के आते ही मैच का रुख बदल गया। बुमराह ने पहले रिकल्टन (23) को आउट किया और फिर मार्करम (31) को पवेलियन भेज दिया। साउथ अफ्रीका का टॉप ऑर्डर अचानक लड़खड़ा गया और भारत ने मैच पर पकड़ मजबूत कर ली।
इसके बाद कुलदीप यादव ने अपना जादू दिखाया। उन्होंने पहले कप्तान टेंबा बावुमा को महज 3 रन पर LBW किया और फिर वियान मुल्डर (24) को भी पिच पर ज्यादा टिकने नहीं दिया। दोनों ने मिलकर पहले सेशन में अफ्रीका के तीन विकेट उड़ा दिए, जिससे टीम 105/3 पर सिमट गई। दूसरे सेशन की शुरुआत में भी भारतीय गेंदबाजों ने दबाव बनाए रखा। टोनी डी जॉर्जी कुछ देर टिके जरूर, लेकिन बुमराह ने उन्हें भी 24 रन पर आउट कर अपने नाम तीसरा विकेट दर्ज कर लिया।
ईडन गार्डन्स की पिच पहले दिन गेंदबाज़ों को मदद देती दिखी, और भारतीय आक्रमण ने इसका पूरा फायदा उठाया। मोहम्मद सिराज और अक्षर पटेल ने भी कसी हुई गेंदबाज़ी कर साउथ अफ्रीका को खुले शॉट खेलने का मौका नहीं दिया। भारतीय कप्तान शुभमन गिल की captaincy भी तारीफ के काबिल रही, जिन्होंने सही समय पर स्पिन और पेस को रोटेट कर विपक्ष को दबाव में रखा।
भारत और साउथ अफ्रीका के बीच यह 45वां टेस्ट है, और भारत का घरेलू रिकॉर्ड इस मैदान पर शानदार रहा है। 2010 के बाद पहली बार दोनों टीमें ईडन गार्डन्स में आमने-सामने हैं। साउथ अफ्रीका पिछले 25 साल से भारत में कोई भी टेस्ट सीरीज नहीं जीत पाई है, और मौजूदा मैच का पहला दिन देखकर ऐसा लगता है कि यह सिलसिला यहीं जारी रहने वाला है।
पहले दिन के खेल के बाद भारत का पलड़ा भारी है। अगर गेंदबाज़ इसी लय में चलते रहे, तो साउथ अफ्रीका बड़ी मुश्किल से एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच पाएगी।
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