April 22, 2026

सोनिया गांधी की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में भर्ती होने के बाद अब छुट्टी, लेकिन क्या है असल वजह?

नई दिल्ली: कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी को दिल्ली के प्रतिष्ठित सर गंगा राम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है, जहां उन्हें गुरुवार को अचानक तबियत खराब होने के बाद भर्ती कराया गया था। हालांकि, सोनिया गांधी के अस्पताल में भर्ती होने का सही समय और कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो पाया है। सूत्रों के मुताबिक, यह भी कहा जा रहा है कि वे रुटीन चेकअप के लिए अस्पताल गई थीं, लेकिन उनके स्वास्थ्य को लेकर पूरी स्थिति अब भी रहस्य में है।

क्या था कारण?

सर गंगा राम अस्पताल के प्रबंधन बोर्ड के अध्यक्ष डॉ. अजय स्वरूप के अनुसार, सोनिया गांधी को पेट से संबंधित एक समस्या के कारण भर्ती कराया गया था। हालांकि, उन्होंने यह भी बताया कि स्थिति गंभीर नहीं थी और पूरी संभावना है कि उन्हें शुक्रवार सुबह तक छुट्टी दे दी जाएगी। सोनिया गांधी को गैस्ट्रोएंटरोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. समीरन नंदी की देखरेख में रखा गया था। इस पर अस्पताल प्रबंधन का कहना है कि चिंता की कोई बात नहीं है, और उनकी सेहत में सुधार हो रहा है।

सोनिया गांधी का स्वास्थ्य इतिहास और चुनावी राजनीति में विराम

सोनिया गांधी, जो दिसंबर 2024 में 78 साल की हो गई हैं, ने बढ़ती उम्र के कारण लोकसभा चुनाव न लड़ने का निर्णय लिया था। उनकी यह फैसले को राजनीतिक हलकों में व्यापक रूप से माना गया था। इसके बजाय, वे राज्यसभा की सदस्य निर्वाचित हो चुकी थीं। उनके संसदीय क्षेत्र रायबरेली से उनके बेटे राहुल गांधी ने चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। पिछले कुछ वर्षों में सोनिया गांधी की तबियत कई बार खराब हो चुकी है, और इससे पहले, फरवरी और मार्च 2023 में भी उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया था।

13 फरवरी को संसद में दिखी थीं सोनिया गांधी

सोनिया गांधी की आखिरी प्रमुख सार्वजनिक उपस्थिति 13 फरवरी को संसद के बजट सत्र के दौरान देखी गई थी, जब वे राज्यसभा में मौजूद थीं। उस दिन उन्होंने संसद में सरकार से जल्द से जल्द जनगणना को पूरा करने की मांग की थी। उन्होंने यह भी कहा था कि देश के लोग खाद्य सुरक्षा कानून के तहत मिलने वाले लाभों से वंचित हैं और इसे शीघ्र पूरा किया जाना चाहिए। सोनिया ने यूपीए सरकार द्वारा शुरू किए गए एनएफएसए (राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम) को देश की करोड़ों आबादी के लिए ऐतिहासिक पहल बताया था, जिसका उद्देश्य खाद्य और पोषण सुरक्षा सुनिश्चित करना था।

स्वास्थ्य और राजनीति: सोनिया गांधी के भविष्य के कदम

सोनिया गांधी के स्वास्थ्य को लेकर फिलहाल कोई गंभीर चिंताएं नहीं जताई गई हैं, लेकिन यह सवाल अभी भी बना हुआ है कि क्या उनकी स्थिति आगामी समय में राजनीति में उनकी भूमिका को प्रभावित कर सकती है। उनका स्वास्थ्य और सक्रियता कांग्रेस पार्टी के लिए एक अहम संकेतक हो सकता है, विशेषकर ऐसे समय में जब पार्टी को मजबूत नेतृत्व की आवश्यकता है।

इस बीच, सोनिया गांधी के समर्थक और पार्टी के नेता उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं, और यह उम्मीद जताई जा रही है कि वे जल्दी से स्वस्थ होकर अपनी राजनीतिक गतिविधियों में फिर से सक्रिय होंगी।

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