सोनीपत की फैक्टरी में भीषण आग: 8 साल से काम कर रहा मजदूर रहस्यमय तरीके से लापता, जिंदा जलने की आशंका
सोनीपत, हरियाणा: हरियाणा के सोनीपत जिले के राई औद्योगिक क्षेत्र में स्थित एक प्रिंटिंग पैकेजिंग फैक्टरी में मंगलवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग इतनी भयानक थी कि फैक्टरी में रखे केमिकल और थिनर के ड्रम बम की तरह फटने लगे, जिससे चारों ओर अफरा-तफरी मच गई। इस हादसे के बाद से एक मजदूर रहस्यमय तरीके से लापता है, जिसके जिंदा जलने की आशंका जताई जा रही है।
कैसे लगी आग, क्या था अंदर का मंजर?
राई औद्योगिक क्षेत्र स्थित प्लॉट नंबर 1329 में मल्टीलेयर पैकेजिंग के नाम से चल रही इस फैक्टरी में मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे अचानक आग भड़क उठी। फैक्टरी में मौजूद श्रमिकों ने जैसे ही आग की लपटें देखीं, वैसे ही जान बचाने के लिए बाहर की ओर दौड़ पड़े।
फैक्टरी में रखे ज्वलनशील पदार्थ—थिनर और केमिकल के ड्रम—आग की लपटों के कारण एक के बाद एक विस्फोट करने लगे। धमाकों की आवाज दूर-दूर तक सुनाई दी, जिससे इलाके में दहशत फैल गई।
सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीमों ने मोर्चा संभाल लिया। आग पर काबू पाने के लिए राई, सोनीपत, कुंडली, दिल्ली के नरेला और बवाना, पानीपत से कुल 16 दमकल गाड़ियां मौके पर पहुंचीं। घंटों की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया, लेकिन तब तक काफी नुकसान हो चुका था।
आग के बाद से लापता मजदूर, परिवार में चिंता का माहौल
इस हादसे के बाद से बिहार निवासी अर्जुन नामक एक श्रमिक का कोई पता नहीं चल पाया है। अर्जुन के पिता तुलसी साहा ने बुधवार को फैक्टरी पहुंचकर अपने बेटे के लापता होने की जानकारी दी। उन्होंने आशंका जताई कि अर्जुन आग लगने के दौरान फैक्टरी में ही फंस गया था और बाहर नहीं निकल पाया।
“मेरा बेटा अर्जुन पिछले आठ साल से इसी फैक्टरी में काम कर रहा था। जिस दिन से आग लगी है, तब से उसका कोई पता नहीं है। हमें डर है कि वह आग की चपेट में आ गया होगा,” तुलसी साहा ने रुंधे गले से कहा।
एसडीआरएफ टीम ने संभाला मोर्चा, फिर भी खाली हाथ
परिजनों की आशंका को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने स्टेट डिजास्टर रिस्पांस फोर्स (एसडीआरएफ) की टीम को बुलाया। नौ सदस्यीय एसडीआरएफ टीम ने बुधवार को पूरे दिन तलाशी अभियान चलाया।
हालांकि, रात आठ बजे तक की गई तलाश में अर्जुन का कोई सुराग नहीं मिल सका। वीरवार सुबह एक बार फिर तलाशी अभियान शुरू किया गया। इस बार प्रशासन ने अर्जुन के परिजनों को भी फैक्टरी के अंदर ले जाकर सर्च ऑपरेशन दिखाया ताकि उन्हें भरोसा दिलाया जा सके।
लेकिन दोपहर बाद तक भी लापता अर्जुन का कोई पता नहीं चल पाया।
आग अब भी सुलग रही, जांच जारी
हालांकि आग पर काफी हद तक काबू पा लिया गया है, लेकिन फैक्टरी में रखे पॉलिथीन के बंडलों में अब भी धीमी-धीमी आग सुलग रही है। दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर मौजूद हैं और पूरी सतर्कता बरती जा रही है।
प्रशासन ने आश्वासन दिया है कि जब तक लापता श्रमिक का कोई पता नहीं चल जाता, तब तक तलाशी अभियान जारी रहेगा।
पुलिस ने शुरू की जांच, मालिकों से होगी पूछताछ
पुलिस ने इस भीषण हादसे की जांच शुरू कर दी है। फैक्टरी प्रबंधन से पूछताछ की जा रही है कि आग लगने की वजह क्या थी और सुरक्षा इंतजाम कितने पुख्ता थे।
प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है, लेकिन थिनर और केमिकल के ड्रमों की वजह से आग ने विकराल रूप ले लिया।
क्या अर्जुन जिंदा है या… सवालों के घेरे में फैक्टरी प्रबंधन
अर्जुन की रहस्यमय गुमशुदगी ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं:
क्या अर्जुन आग की चपेट में आ गया?
अगर वह बाहर निकल पाया, तो अब तक कहां है?
क्या फैक्टरी प्रबंधन ने सुरक्षा उपायों की अनदेखी की?
इन सवालों के जवाब खोजने में प्रशासन जुटा हुआ है। परिजन अब भी उम्मीद लगाए बैठे हैं कि उनका बेटा सकुशल लौट आएगा। लेकिन आग की भयावहता ने उनके मन में एक डर भी बसा दिया है—कहीं अर्जुन उसी आग में हमेशा के लिए तो नहीं खो गया?
इस रहस्यमय लापता मजदूर की खोज जारी है, लेकिन हर बीतते पल के साथ उम्मीद की रोशनी भी धीरे-धीरे धुंधली होती जा रही है।
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