क्या अपनों की गवाही बन जाएगी सोनम की सबसे बड़ी हार? राजा हत्याकांड में सामने आया चौंकाने वाला मोड़
जिस पर किसी ने शक नहीं किया, वो ही अब सबसे बड़ा गवाह बन सकता है।
जिसने पुलिस को गुमराह करने की हर कोशिश की, उसी के सबसे करीबियों से अब उसकी पोल खुलने वाली है।
इंदौर में चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में है और इस बार वजह है – सोनम रघुवंशी की अपनी ही राजदार।
अब तक पुलिसिया पूछताछ में एक के बाद एक राज खुलते जा रहे हैं, लेकिन अब जो नया मोड़ सामने आया है, उसने केस को नया मोड़ दे दिया है। जानकारी के मुताबिक मेघालय पुलिस अब कोर्ट में दो अहम गवाह पेश करने जा रही है – और इनमें से एक कोई और नहीं बल्कि खुद सोनम के माता-पिता हो सकते हैं।
सोनम के खिलाफ खुद उसके घरवाले?
राजा रघुवंशी की हत्या के बाद शक की सुई सीधे सोनम की ओर गई थी। पुलिस ने जब गहराई से जांच शुरू की तो कई डिजिटल सबूत सामने आए – CCTV फुटेज, होटल एंट्री रजिस्टर, मोबाइल लोकेशन डेटा और कॉल रिकॉर्डिंग्स। लेकिन अब पुलिस इन सबूतों के साथ दो गवाह भी कोर्ट में पेश करने की तैयारी में है – जो सोनम के सबसे करीबी माने जा रहे हैं।
सूत्रों की मानें तो ये दो गवाह सोनम के माता-पिता हो सकते हैं, जिन्हें राजा और सोनम के संबंधों के बारे में गहराई से जानकारी थी। मेघालय पुलिस ये जांच कर रही है कि क्या सोनम के बयानों में और उसके माता-पिता के कथनों में कोई अंतर है या नहीं। अगर बयान मेल खाते हैं तो उन्हें कोर्ट में गवाह के रूप में लाया जाएगा।
क्या तंत्र-मंत्र के लिए दी गई थी नरबलि?
इस हत्याकांड को लेकर एक तांत्रिक एंगल भी सामने आया है। राजा रघुवंशी के बड़े भाई सचिन रघुवंशी का दावा है कि सोनम ने अपने 60 वर्षीय बीमार पिता देवी सिंह की लंबी उम्र के लिए राजा की नरबलि दी। उनका कहना है कि सोनम का परिवार तंत्र-मंत्र में विश्वास करता है और देवी सिंह को पहले दो बार हार्ट अटैक आ चुका था।
सचिन की मांग है कि पुलिस को इस तांत्रिक कनेक्शन की भी गहराई से जांच करनी चाहिए, क्योंकि मामला सिर्फ आपसी संबंधों का नहीं बल्कि कुछ और ज्यादा गहरा भी हो सकता है।
साइकोलॉजिकल टेस्ट भी कर चुकी है पुलिस
सोनम इस वक्त पुलिस रिमांड पर है और 16 जून को उसका साइकोलॉजी टेस्ट भी कराया जा चुका है जिसमें कोई असामान्यता नहीं पाई गई है। हालांकि, पुलिस यह मान कर चल रही है कि अगर सोनम ने खुद को मासूम साबित करने की कोई चाल चली भी है, तो उसका पर्दाफाश अब उसके सबसे करीबी लोगों की गवाही से होगा।
21 जून के आसपास कोर्ट में पेशी के दौरान मेघालय पुलिस जब ये दोनों गवाह लेकर आएगी और डिजिटल सबूतों के साथ मिलाकर कहानी पेश करेगी, तब तय होगा कि क्या सोनम वाकई अकेले थी या इस पूरे खेल में और भी चेहरे शामिल थे।
इस हत्याकांड में हर दिन एक नया मोड़ सामने आ रहा है, लेकिन एक बात तय है – अब सोनम के लिए रास्ते सिमटते जा रहे हैं, और उसकी राजदार ही उसे सलाखों के पीछे पहुंचा सकती है।
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