May 5, 2026

बिहार चुनाव से पहले ‘SIR’ पर गरमाई सियासत, संजय सिंह ने BJP की जीत को बताया तय

AAP सांसद बोले – SIR पर रोक नहीं लगी तो चुनाव बेमानी, चुनाव आयोग पर भी उठाए सवाल

लोकसभा के मानसून सत्र से पहले सियासी हलचल तेज हो गई है। सर्वदलीय बैठक से पहले आम आदमी पार्टी (AAP) के राज्यसभा सांसद संजय सिंह ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि SIR (संभावित रूप से एक चुनावी प्रक्रिया या टेक्नोलॉजी से जुड़ा तंत्र) पर रोक नहीं लगी, तो बिहार में चुनाव से पहले ही भाजपा की जीत तय है।

क्या कहा संजय सिंह ने?

संजय सिंह ने स्पष्ट आरोप लगाए कि चुनाव आयोग ने भाजपा के साथ मिलकर SIR के माध्यम से एक “बड़ा घोटाला” किया है। उन्होंने चुनौती दी कि यदि SIR पर प्रतिबंध नहीं लगा, तो वे आज ही लिखित में परिणाम दे सकते हैं — बिहार में बीजेपी चुनाव जीत चुकी है।

संजय सिंह ने यह भी कहा कि विपक्ष द्वारा लगातार उठाए जा रहे मुद्दे – चाहे वह ट्रंप की टिप्पणियां, बुलडोजर कार्रवाई, सरकारी स्कूलों को बंद करने के फैसले, या गुजरात प्लेन क्रैश हों – सभी सदन में उठाए जाएंगे, और SIR प्रमुख मुद्दा रहेगा।

चुनाव आयोग पर भी निशाना

संजय सिंह ने चुनाव आयोग की सफाई को खारिज करते हुए कहा कि आयोग मतदाता सूची में नाम जोड़ने के लिए जन्म प्रमाण पत्र, यहां तक कि माता-पिता के भी दस्तावेज मांग रहा है। उन्होंने इसे गरीबों और आम जनता के लिए नाइंसाफी बताया और कहा कि ये नियम प्रक्रिया को जटिल बना रहे हैं।

क्या है SIR?

हालांकि रिपोर्ट में “SIR” की विस्तृत व्याख्या नहीं दी गई है, लेकिन संजय सिंह की टिप्पणियों से साफ है कि यह कोई डिजिटल या तकनीकी प्रणाली है जिसका प्रयोग चुनावी प्रक्रिया में हो रहा है और जिस पर विपक्षी दलों को गंभीर आपत्ति है। यह संभव है कि “SIR” का संबंध मतदाता सत्यापन, डिजिटल वोटिंग, या डेटा हैंडलिंग प्रक्रिया से हो।

विपक्ष की एकता पर सवाल?

हालांकि संजय सिंह ने कहा कि AAP विपक्ष की INDIA गठबंधन का हिस्सा रही है, फिर भी उन्होंने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी हर चुनाव में अपनी स्वतंत्र भूमिका निभाती है। जब उनसे पूछा गया कि क्या वे सदन में अन्य दलों के साथ खड़े होंगे, तो उनका जवाब था – “मैं खुद बोलूंगा, किसी को रोकूंगा नहीं, लेकिन अपनी बात जरूर कहूंगा।”

तेजस्वी यादव की चिट्ठी पर प्रतिक्रिया

RJD नेता तेजस्वी यादव द्वारा SIR के मुद्दे पर विपक्षी दलों को भेजी गई चिट्ठी पर संजय सिंह ने कहा कि BJP को छोड़कर हर दल को इस मुद्दे पर खुलकर बोलना चाहिए, क्योंकि यह लोकतंत्र और चुनाव की पारदर्शिता से जुड़ा हुआ मामला है।

लोकसभा चुनाव से पहले बिहार एक बार फिर सियासी घमासान का केंद्र बनता जा रहा है। SIR को लेकर AAP और अन्य विपक्षी दलों के तेवर तीखे हैं। यदि यह मामला और बढ़ा, तो संसद का मानसून सत्र विपक्ष बनाम चुनाव आयोग और केंद्र सरकार के बीच एक बड़ी टकराव की जमीन बन सकता है।

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