Singtel ने Airtel में बेची 1.2% हिस्सेदारी, 16,600 करोड़ की डील के बाद भी बना रहेगा बड़ा निवेशक; कंपनी ने Q4 में किया रिकॉर्ड मुनाफा
शुक्रवार को भारती एयरटेल के शेयरों में ज़बरदस्त हलचल देखने को मिली, जब कंपनी के करीब 3.1 करोड़ शेयरों का कारोबार हुआ। यह आंकड़ा कंपनी की कुल हिस्सेदारी के लगभग 1.3% के बराबर है। शेयरों की बिक्री औसतन 1,820 रुपये प्रति शेयर के भाव पर की गई, जो गुरुवार के बंद भाव से करीब 2.5% कम रहा। इस लेनदेन के पीछे मुख्य कारण बना सिंगापुर की टेलीकॉम दिग्गज कंपनी Singtel का फैसला, जिसने अपनी निवेश इकाई Pastel के जरिए भारती एयरटेल में अपनी हिस्सेदारी को आंशिक रूप से कम किया।
मार्च 2025 तिमाही के अंत तक Pastel के पास एयरटेल में कुल 9.49% हिस्सेदारी थी, जिसमें से लगभग 1.2% हिस्सा शुक्रवार को बेच दिया गया। यह सौदा लगभग 2 बिलियन डॉलर (करीब 16,600 करोड़ रुपये) में हुआ और इसे भारत व अंतरराष्ट्रीय संस्थागत निवेशकों को प्राइवेट प्लेसमेंट के ज़रिए ऑफर किया गया। इस डील से Singtel को करीब 1.4 बिलियन डॉलर का लाभ हुआ है।
डील के बाद Singtel के ग्रुप चीफ फाइनेंशियल ऑफिसर (CFO) आर्थर लैंग ने बयान में कहा कि “इस लेनदेन से हम एक आकर्षक वैल्यूएशन पर मुनाफा कमा रहे हैं, जबकि एयरटेल में हमारी मजबूत हिस्सेदारी बनी हुई है। हमें नए निवेशकों का स्वागत करते हुए खुशी हो रही है, जो भारत की 1 ट्रिलियन डॉलर डिजिटल इकॉनमी में एयरटेल की महत्वपूर्ण भूमिका को समझते हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि यह डील Singtel28 ग्रोथ स्ट्रैटेजी का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य पूंजी के अनुशासित उपयोग के साथ दीर्घकालिक रिटर्न देना है।
महत्वपूर्ण बात यह है कि इस बिक्री के बावजूद Singtel एयरटेल में एक प्रमुख निवेशक बना रहेगा। अब भी Singtel के पास कंपनी में 28.3% हिस्सेदारी बनी हुई है, जिसकी बाजार वैल्यू लगभग 48 बिलियन डॉलर (करीब 2.96 लाख करोड़ रुपये) बताई जा रही है।
इस बीच, भारती एयरटेल ने 13 मई को वित्त वर्ष 2024-25 की मार्च तिमाही (Q4) के नतीजे जारी किए, जो बाजार की उम्मीदों से कहीं बेहतर रहे। कंपनी ने 11,022 करोड़ रुपये का कंसॉलिडेटेड नेट प्रॉफिट दर्ज किया, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 2,072 करोड़ रुपये के मुकाबले 432% की जबरदस्त वृद्धि है। कंपनी का रेवेन्यू 47,876 करोड़ रुपये रहा, जिसमें 27% की सालाना ग्रोथ दर्ज की गई। एयरटेल का प्रति यूजर औसत राजस्व (ARPU) भी बढ़कर 245 रुपये हो गया, जो पिछले साल 209 रुपये था।
शानदार तिमाही प्रदर्शन के बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 2025 के लिए 16 रुपये प्रति शेयर का फाइनल डिविडेंड भी घोषित किया है, जिससे निवेशकों में उत्साह और भरोसा दोनों दिख रहा है।
Singtel की आंशिक हिस्सेदारी बिक्री और एयरटेल की रिकॉर्डतोड़ कमाई ने बाजार में कंपनी की मजबूती को एक बार फिर साबित कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि एयरटेल भारत के डिजिटल विकास की अगुवाई करता रहेगा और निवेशकों के लिए एक भरोसेमंद विकल्प बना रहेगा।
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