April 19, 2026

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने 10,000 भक्तों के साथ शिव-कृष्ण मंदिर में अभिषेक समारोह में भाग लिया, क्या है इसके पीछे का रहस्य?

रविवार को सिंगापुर के प्रधानमंत्री लॉरेंस वोंग ने उत्तरी सिंगापुर के मार्सिलिंग राइज हाउसिंग एस्टेट स्थित शिव-कृष्ण मंदिर में एक ऐतिहासिक अभिषेक समारोह में भाग लिया। इस समारोह में 10,000 से अधिक भक्तों ने पवित्र जल से अभिषेक किया और मंदिर के वातावरण को भव्य धार्मिक ध्वनियों से गूंजित कर दिया। यह अभिषेक मंदिर में तीसरी बार आयोजित किया गया था, इससे पहले 1996 और 2008 में भी इस प्रकार के धार्मिक अनुष्ठान हुए थे।

प्रधानमंत्री वोंग ने इस अवसर पर मंदिर में हो रहे आध्यात्मिक कार्यक्रमों का महत्व बताया और कहा कि धार्मिक स्थल और मंदिर सिंगापुर के सांस्कृतिक धरोहर का अहम हिस्सा हैं। उन्होंने बताया कि इन स्थानों को मजबूत करना और धार्मिक गतिविधियों को बनाए रखना उनकी सरकार की प्राथमिकताओं में है, ताकि यहां की धार्मिक विविधता को सम्मान मिल सके। खास बात यह है कि यह मंदिर सिंगापुर का एकमात्र ऐसा धार्मिक स्थल है जहां भगवान शिव और भगवान कृष्ण दोनों की पूजा की जाती है, जो इसे और भी विशेष बनाता है।

अभिषेक कार्यक्रम सुबह 7 बजे शुरू हुआ और यह मंदिर के मुख्य भवन से लगभग 100 मीटर दूर एक तंबू में प्रारंभिक अनुष्ठान के साथ आयोजित किया गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सुबह 8 बजे पवित्र जल से भरे बर्तनों का एक भव्य जुलूस निकाला गया, जो मंदिर में लेकर आए गए। इस जुलूस के साथ-साथ पवित्र मंत्रोच्चार भी किए गए, जिससे पूरी वातावरण धार्मिक माहौल में डूब गया।

प्रधानमंत्री वोंग इस अभिषेक समारोह में मुख्य अतिथि थे, और उनके साथ सिंगापुर के वरिष्ठ रक्षा और जनशक्ति राज्य मंत्री जकी मोहम्मद भी उपस्थित थे। इन नेताओं को मंदिर के अधिकारियों ने सम्मानित किया और उन्हें शॉल और माला भेंट की। साथ ही, मुख्य पुजारी नागराजा शिवाचार्य ने प्रधानमंत्री वोंग को पारंपरिक टोपी पहनाई, जो इस धार्मिक आयोजन की विशेषता को दर्शाती है।

अभिषेक समारोह को सुचारु रूप से चलाने के लिए 800 स्वयंसेवकों ने अपनी सेवाएं दीं। इन स्वयंसेवकों ने सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, भीड़ नियंत्रण और भक्तों को भोजन देने जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को संभाला। 49 वर्षीय नर्सिंग मैनेजर आनंद शिवमणि ने कहा कि वह इस अनुभव को बेहद संतुष्टिदायक मानते हैं और उन्हें लगता है कि वे इस समुदाय के लिए कुछ अच्छा कर रहे हैं।

इस आयोजन से सिंगापुर में धार्मिक और सांस्कृतिक एकता का संदेश भी गया है। जहां प्रधानमंत्री वोंग और अन्य महत्वपूर्ण हस्तियों ने अभिषेक किया, वहीं यह आयोजन सिंगापुर की सांस्कृतिक विविधता और समावेशिता को और भी प्रगाढ़ बनाने का काम कर रहा है।

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