सिंगापुर के रैफल्स अस्पताल में कार्यरत भारतीय नर्स एलीप शिवा नागू को अदालत ने एक युवक से छेड़छाड़ के मामले में दोषी ठहराते हुए 14 महीने की जेल और दो कोड़े की सजा सुनाई है। अदालत ने शुक्रवार को इस मामले की सुनवाई पूरी करते हुए फैसला सुनाया। आरोपी नर्स ने अपना जुर्म कबूल कर लिया है, जिसके बाद अदालत ने यह सजा तय की। यह मामला 18 जून को सामने आया था, जब पीड़ित युवक अपने दादा से मिलने अस्पताल गया था।
अदालती दस्तावेजों के अनुसार, घटना उस समय हुई जब युवक अस्पताल के मरीजों के लिए बने शौचालय में गया था। उसी दौरान नर्स एलीप शिवा नागू वहां पहुंची और अंदर झांकने लगी। उसने डिसइनफेक्ट करने का बहाना बनाकर युवक के हाथ पर साबुन लगाया और उसके साथ अनुचित हरकत की। आरोपी के इस कृत्य से पीड़ित युवक हैरान रह गया और कुछ पल तक सदमे में खड़ा रह गया। घटना के तुरंत बाद वह अपने दादा के पास लौट आया, जिसके बाद उसने पूरी बात परिजनों को बताई।
21 जून को इस मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज कराई गई और दो दिन बाद आरोपी नर्स को गिरफ्तार कर लिया गया। सिंगापुर पुलिस ने जांच के दौरान पाया कि आरोपी ने घटना को स्वीकार किया है और अस्पताल प्रशासन ने भी उसे तत्काल नौकरी से बर्खास्त कर दिया था। अदालत में उप लोक अभियोजक यूजीन फुआ ने बताया कि इस घटना से पीड़ित को मानसिक रूप से गहरा झटका लगा और उसे लगातार घटना की यादें परेशान कर रही हैं।
कोर्ट ने कहा कि आरोपी का अपराध गंभीर है क्योंकि उसने अस्पताल जैसे सुरक्षित माने जाने वाले स्थान पर अपनी पेशेवर जिम्मेदारी का दुरुपयोग किया। इसी आधार पर उसे 14 महीने की सजा और दो कोड़े मारने की सजा सुनाई गई। अदालत ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में सख्त सजा देकर समाज को स्पष्ट संदेश देना आवश्यक है कि यौन उत्पीड़न किसी भी परिस्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
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