ट्रंप के टैरिफ का असर या कुछ और? सोना-चांदी की कीमतों में भारी गिरावट से निवेशकों में हलचल
अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुख और वैश्विक व्यापार तनाव के चलते शुक्रवार को सोने और चांदी की कीमतों में जोरदार गिरावट दर्ज की गई, जिससे पिछले पांच दिनों से जारी तेजी का रुख अचानक पलट गया।
दिल्ली के सर्राफा बाजार में 99.9% शुद्धता वाला सोना 1,350 रुपये टूटकर 93,000 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जबकि 99.5% शुद्धता वाला सोना गिरकर 92,550 रुपये प्रति 10 ग्राम पर पहुंच गया। यह गिरावट ऐसे समय में आई है जब गुरुवार को सोना 94,350 रुपये प्रति 10 ग्राम की नई ऊंचाई पर पहुंचा था।
चांदी की कीमत में भी ऐतिहासिक गिरावट देखी गई। शुक्रवार को चांदी 5,000 रुपये घटकर 95,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर आ गई, जो बीते चार महीनों की सबसे बड़ी गिरावट मानी जा रही है। पिछले कारोबारी सत्र में चांदी 1,00,500 रुपये प्रति किलोग्राम पर बंद हुई थी।
वैश्विक स्तर पर भी कीमती धातुओं में कमजोरी का रुख रहा। हाजिर सोना 21.74 डॉलर यानी 0.70% की गिरावट के साथ 3,093.60 डॉलर प्रति औंस रह गया, जबकि हाजिर चांदी एशियाई बाजारों में 1.69% गिरकर 31.32 डॉलर प्रति औंस पर पहुंच गई।
विशेषज्ञ इस गिरावट के लिए अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा 60 देशों पर टैरिफ (आयात शुल्क) लगाने के फैसले को जिम्मेदार ठहरा रहे हैं। अबांस फाइनेंशियल सर्विसेज के CEO चिंतन मेहता के अनुसार, इस फैसले ने व्यापारिक भावना को कमजोर कर दिया है, जिससे सोने की मांग में कमी आई है। वहीं मेहता इक्विटीज के VP (जिंस) राहुल कलंत्री का कहना है कि सोना पिछले एक सप्ताह और चांदी पिछले पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ चुकी हैं।
निवेशकों के लिए क्या रणनीति हो?
विशेषज्ञों का मानना है कि अल्पकालिक निवेशकों को बाजार में स्थिरता आने का इंतजार करना चाहिए, जबकि दीर्घकालिक निवेशकों के लिए यह गिरावट एक अच्छा खरीदारी अवसर हो सकता है।
डॉलर इंडेक्स, फेडरल रिजर्व की नीतियां और वैश्विक व्यापार तनाव जैसे अंतरराष्ट्रीय कारकों पर नजर रखना बेहद जरूरी है।
कुल मिलाकर, सोना-चांदी की इस तेज गिरावट ने बाजार में हड़कंप मचा दिया है—अब देखना यह है कि यह मंदी कितने दिन तक बनी रहती है या फिर अगले हफ्ते कोई नया मोड़ लाती है।
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