शिवपुरी: मासूम को “भूत का साया” बताकर झोंका आग में, तांत्रिक गिरफ्तार
शिवपुरी, मध्य प्रदेश: अंधविश्वास की आड़ में एक निर्दोष बच्चे पर अमानवीय अत्याचार करने वाले तांत्रिक को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना शिवपुरी जिले के कोलारस क्षेत्र की है, जहां रामनगर निवासी तांत्रिक रघुवीर धाकड़ ने छह महीने के मासूम बच्चे को झाड़-फूंक के नाम पर आग में झोंक दिया, जिससे बच्चे की आंखें और चेहरा बुरी तरह जल गए।
कैसे हुआ दिल दहला देने वाला यह अपराध?
रामनगर गांव में रहने वाले रघुवीर धाकड़ ने खुद को तांत्रिक घोषित कर गांव में झाड़-फूंक और तंत्र साधना शुरू कर दी थी। बीते दिनों उसने छह महीने के मासूम मयंक धाकड़ को यह कहकर आग में झोंक दिया कि बच्चे पर “मसान” यानी भूत का साया है। तंत्र साधना के नाम पर उसने बच्चे के चेहरे पर आग की धुनी दी, जिससे उसकी दोनों आंखों के कॉर्निया जल गए और वह अंधा हो गया। इसके अलावा, बच्चे के गाल और होंठ भी झुलस गए।
गांव के कोटवार की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
घटना के बाद, बच्चे के माता-पिता सदमे में थे और मामले को लेकर चुप्पी साधे हुए थे। हालांकि, गांव के कोटवार ने जब इस अमानवीय घटना की जानकारी पुलिस को दी तो अधिकारियों ने तुरंत जांच शुरू की।
शुरुआती छानबीन में पता चला कि तांत्रिक घटना के बाद से फरार हो गया था। पुलिस ने उसकी तलाश तेज कर दी और क्षेत्र में गश्त बढ़ा दी। आखिरकार, पड़ोरा चौराहे पर पुलिस ने एक संदिग्ध व्यक्ति को देखा, जो किसी वाहन से भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने तुरंत उसे रोका और पूछताछ की, जिससे पता चला कि वह कोई और नहीं बल्कि फरार तांत्रिक रघुवीर धाकड़ है।
बंगाल से सीखी थी तंत्र साधना की विधाएं
रघुवीर धाकड़ मूल रूप से सोनपुरा का रहने वाला था, लेकिन करीब 20 साल पहले रामनगर आकर बस गया था। पहले वह मेहनत-मजदूरी करता था, लेकिन कुछ साल पहले बंगाल में एक निर्माणाधीन सड़क परियोजना पर मजदूरी करने के दौरान उसने तंत्र विद्या सीखी। लौटने के बाद, उसने अपने गांव में झाड़-फूंक और तंत्र क्रियाएं शुरू कर दीं।
पहले भी हुई थीं रहस्यमयी घटनाएं
गांववालों के अनुसार, यह पहली बार नहीं था जब रघुवीर की झाड़-फूंक के कारण किसी की तबीयत बिगड़ी हो। पहले भी कुछ लोग उसकी तंत्र क्रियाओं के कारण गंभीर रूप से बीमार हुए, लेकिन वे गांव के ही लोग थे, इसलिए मामला दबा दिया गया।
तांत्रिक को जेल भेजा गया, क्या होगा अगला कदम?
आरोपी को शांति भंग की धाराओं में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या उसके झाड़-फूंक से पहले किसी और की जान को खतरा पहुंचा है।
इस दिल दहला देने वाली घटना ने पूरे इलाके को झकझोर कर रख दिया है। क्या तंत्र-मंत्र के नाम पर ऐसे अपराधों को रोकने के लिए सख्त कानूनों की जरूरत है? यह सवाल अब चर्चा का विषय बन चुका है।
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